लार्क द्वीप से दूरी बनाए रखें; भारतीय नौसेना की चेतावनी, होर्मुज में फंसे जहाजों के लिए नई गाइडलाइन

Devendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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होर्मुज स्ट्रेट में दो भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर IRGC द्वारा गोलीबारी की घटना के बाद भारत ने फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों के लिए नई सुरक्षा सलाह जारी की है। भारतीय नौसेना ने भारतीय ध्वज वाले सभी जहाजों को सलाह दी है कि वे लार्क द्वीप से दूरी बनाए रखें…

लार्क द्वीप से दूरी बनाए रखें; भारतीय नौसेना की चेतावनी, होर्मुज में फंसे जहाजों के लिए नई गाइडलाइन

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में दो भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) द्वारा गोलीबारी की घटना के बाद भारत ने फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों के लिए नई सुरक्षा सलाह जारी की है। भारतीय नौसेना ने भारतीय ध्वज वाले सभी जहाजों को सलाह दी है कि वे लार्क द्वीप से दूरी बनाए रखें और होर्मुज से गुजरने के लिए केवल भारतीय नौसेना की अनुमति के बाद ही आगे बढ़ें। नौसेना होर्मुज पार करने की प्रतीक्षा कर रहे सभी भारतीय जहाजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

दरअसल, 18 अप्रैल को हुई घटना में आईआरजीसी की नौकाओं ने जग अर्नव और सनमार हेराल्ड नामक दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की, जिसके बाद दोनों जहाजों को वापस लौटना पड़ा। अच्छी बात ये रही कि इस घटना में किसी भी चालक दल के सदस्य को चोट नहीं आई। उसी दिन देश गरिमा नामक भारतीय टैंकर ने होर्मुज को सफलतापूर्वक पार किया। यह दसवां भारतीय जहाज था जो इस मार्ग से गुजरा। देश गरिमा अब अरब सागर में भारतीय नौसेना की सुरक्षा में है और 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की संभावना है।

सरकारी सूत्रों और रॉयटर्स के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक 10 भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं। वर्तमान में फारस की खाड़ी में लगभग 14 भारतीय जहाज होर्मुज पार करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। भारतीय नौसेना इन जहाजों से लगातार संपर्क बनाए हुए है और अनुमति मिलने के बाद ही उन्हें आगे बढ़ने की सलाह दे रही है। भारतीय नौसेना ने होर्मुज के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है। फारस की खाड़ी के निकट सात भारतीय नौसैनिक जहाज तैनात किए गए हैं, जो इस जलमार्ग पार करने वाले भारतीय जहाजों को सुरक्षा मुहैया करा रहे हैं।

बता दें कि लार्क द्वीप होर्मुज स्ट्रेट के सबसे संकरे हिस्से पर स्थित है, जहां ईरान की तेल अवसंरचना का बड़ा हिस्सा है। इस द्वीप के आसपास कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था है। भारतीय जहाजों को अब इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है। बताया गया कि सरकार ईरान समेत संबंधित देशों से संपर्क में है ताकि भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। विदेश मंत्रालय ने पहले ही ईरानी राजदूत को तलब कर अपनी चिंता जताई थी और सुरक्षित पारगमन की प्रक्रिया जल्द बहाल करने की मांग की थी।

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Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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