ईरान युद्ध के बीच भारतीय सेना ने तैयार कर लिया बड़ा प्लान, तेल और गैस की कमी यूं निपटेगी आर्मी

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
share

ईरान युद्ध के बीच पैदा हुए गैस और तेल संकट को देखते हुए सेना ने बड़ा प्लान तैयार कर लिया है। पहले के मुताबिक गैस के खर्च में भी कटौती की गई है और बायोगैस का इस्तेमाल बढ़ाया गया है। इसके अलावा सेना के वाहनों के शेड्यूल में भी परिवर्तन किया जा रहा है।

ईरान युद्ध के बीच भारतीय सेना ने तैयार कर लिया बड़ा प्लान, तेल और गैस की कमी यूं निपटेगी आर्मी

ईरान युद्ध के चलते तेल और गैस संकट के बीच भारतीय सेना ने आगे का पूरा प्लान तैयार कर लिया है। भारतीय सेना एलपीजी और फ्यूल में काफी कटौती करके वैकल्पिक रास्ता अपना रही है। अगले महीने से यह एक मिशन के स्तर पर शुरू हो जाएगा। सेना बायोगैस और सोलर जैसे वैकल्पिक ऊर्जा के साधनों का उपयोग कर रही है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सेना ने बायोगैस स्टोव्स खरीदने का ऑर्डर जारी कर दिया है। इसके अलावा सेना के जवानों का मूवमेंट 400 किलोमीटर के अंदर ही सीमित किया जाएगा जिससे फ्यूल बचाया जा सके। अधिकारी ने बताया. बिना किसी ऑपरेशनल क्षमता को कम किए सेना के वाहनों का आवागमन सीमित किया जा रहा है। वाहनों की पूलिंग, एक साथ कई काम निपटाने की योजना भी तैयार की गई है। जिससे कि फ्यूल के खर्च को कम किया जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों और सीएनजी का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। कुछ चीजें लागू हो गई हैं और वहीं फ्यूल बचाने के लिए कुछ नियम अगले एक दो हफ्ते में लागू हो जाएंगे। अधिकारियों ने बाताया कि सेना से संबंधित उड़ानों को भी सीमित किया जाएगा। जिससे सेना की क्षमता को प्रभावित किए बिना फ्यूल बचाया जा सके।

बड़ी संख्या में सोलर प्लांट और पवन चक्की लगाएगी सेना

आंकड़ों के मुताबिक सेना में रोज करीब 1,56,000 किलो कुकिंग गैस खर्च होती है। बायोगैस के इस्तेमाल से इसमें से 20 फीसदी गैस को बचाया जा सकता है। इसके अलावा सेना के पास करीब 2 लाख वाहन हैं। ऐसे में बड़ी मात्रा में फ्यूल रोज वाहनों में भी खर्च होता है। इसके अलावा सेना का प्लान है कि खाली पड़े इलाके में अगले पांच साल में बड़ी संख्या में पवन चक्की और सोलर प्लांट लगाए जाएं।

होर्मुज पार कर निकाल भारतीय टैंकर

भारत के ध्वज वाले एक तेल के टैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया। भारतीय टैंकर ने इस तनाव ग्रस्त जलमार्ग को ऐसे समय पार किया है, जब दो अन्य भारतीय जहाजों को गोलीबारी के बाद वापस लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा था और भारत ने वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता को ईरान के साथ साझा किया था। पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर सरकार द्वारा दी गई अद्यतन जानकारी के मुताबिक, कच्चे तेल से भरा टैंकर देश गरिमा 18 अप्रैल को रणनीतिक जलमार्ग को पार कर गया और 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। इस जहाज पर 31 भारतीय नाविक सवार थे।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

और पढ़ें