Iran War: पाकिस्तान का 'मध्यस्थ' वाला झूठ एक्सपोज, एक्स डिप्लोमेट ने खोली शाहबाज-मुनीर की पोल

Devendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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संयुक्त अरब अमीरात में भारत के पूर्व राजदूत संजय सुधीर ने पाकिस्तान की पश्चिम एशिया कूटनीति की सच्चाई उजागर करते हुए कहा है कि ईरान-अमेरिका संघर्ष में इस्लामाबाद कभी मध्यस्थ नहीं था, बल्कि अधिक से अधिक एक मैसेंजर की भूमिका ही निभा रहा था।

Iran War: पाकिस्तान का 'मध्यस्थ' वाला झूठ एक्सपोज, एक्स डिप्लोमेट ने खोली शाहबाज-मुनीर की पोल

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान खुद को बिचौलिया बता रहा था और दावा कर रहा था कि वह ईरान अमेरिका के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है। संयुक्त अरब अमीरात में भारत के पूर्व राजदूत संजय सुधीर ने पाकिस्तान की पश्चिम एशिया कूटनीति की सच्चाई उजागर करते हुए कहा है कि ईरान-अमेरिका संघर्ष में इस्लामाबाद कभी मध्यस्थ नहीं था, बल्कि अधिक से अधिक एक मैसेंजर की भूमिका ही निभा रहा था। न्यूज एजेंसी एएनआई से विशेष बातचीत में सुधीर ने कहा कि पाकिस्तान कल तक खुद को मध्यस्थ बताकर ढोल पीट रहा था, लेकिन असल में वह मध्यस्थ होने से बहुत दूर था। वह ज्यादा से ज्यादा एक संदेशवाहक ही था। मध्यस्थता का मतलब होता है कि दोनों पक्ष आमने-सामने मध्यस्थ के साथ बैठकर बात करें, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। इसलिए ईरान ने पाकिस्तान का ढोंग बेनकाब कर दिया है।

दरअसल, ईरान ने कथित तौर पर पाकिस्तानी धरती पर किसी भी अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान ने अमेरिकी मांगों को 'अस्वीकार्य' बताया है, जिससे शीघ्र समाधान की संभावना लगभग समाप्त हो गई है और पाकिस्तान के राजनयिक प्रयास हाशिए पर चले गए हैं। यह कूटनीतिक झटका ऐसे समय में लगा है जब पाकिस्तान आर्थिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में है। संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान से एक महीने के अंदर अपने बकाया ऋणों का भुगतान करने की मांग की है।

इस पर सुधीर ने कहा कि मैंने यूएई में चार साल बिताए हैं। कर्ज चुकाने के मामले में यूएई पाकिस्तान के प्रति हमेशा उदार रहा है, लेकिन इसकी भी एक सीमा होती है। एक समय आता है जब हर संप्रभु देश को कर्ज चुकाना पड़ता है। मुझे लगता है कि वह समय आ गया है। डॉन अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने महीने के अंत से पहले यूएई को 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का कर्ज लौटाने का फैसला किया है। एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने इसे 'राष्ट्रीय गरिमा' बनाए रखने का कदम बताया और कहा कि राष्ट्रीय गरिमा के लिए वित्तीय लाभ से समझौता नहीं किया जा सकता। राशि यथाशीघ्र वापस कर दी जाएगी।

ये धनराशि 2019 में अबू धाबी विकास कोष के माध्यम से पाकिस्तान के भुगतान संतुलन को स्थिर करने के लिए दी गई थी। वर्तमान में पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के कार्यक्रम के तहत है और उसे चीन, सऊदी अरब तथा यूएई समेत प्रमुख भागीदारों से लगभग 12.5 अरब डॉलर का रोलओवर हासिल करना आवश्यक है।

पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के विदेशी मुद्रा भंडार वर्तमान में लगभग 16.3 अरब डॉलर हैं। 3 अरब डॉलर के पुनर्भुगतान से भंडार में करीब 18 प्रतिशत की कमी आ सकती है, जिससे देश की बाहरी सुरक्षा और आयात क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होगी। वहीं, आर्थिक विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगर नए निवेश से इसकी भरपाई नहीं हुई तो पाकिस्तानी मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा और आईएमएफ कार्यक्रम जटिल हो सकता है।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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