युद्ध के माहौल के बीच ईरान में डटा रूस, LPG संकट पर संसद में हंगामा; टॉप-5 न्यूज
ईरान में अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बीच रूस ने तेहरान में अपनी परियोजनाओं से पीछे हटने से इनकार किया है। रूस की परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम ने कहा कि वह ईरान में अपनी परमाणु परियोजनाओं पर लगातार काम करती रहेगी।

ईरान में जारी युद्ध के बीच रूस ने तेहरान में अपने परमाणु परियोजनाओं से पीछे हटने से इनकार किया है। रूस की परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम ने कहा कि वह ईरान में अपनी परियोजनाओं से पीछे नहीं हटेगी। वहीं, दूसरी तरफ इस युद्ध की वजह से बढ़ते वैश्विक संकट का असर भारत में भी देखने को मिला। देश के तमाम शहरों से आ रही एलपीजी की किल्लत की खबरों के बीच संसद में भी जोरदार हंगामा होता रहा। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी को जमकर घेरा। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका के बदनाम फाइनेंशर एपस्टीन का भी जिक्र किया।
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युद्ध के माहौल में ईरान में डटा रूस, रोसाटॉम ने साफ-साफ कहा-अभी जाने का समय नहीं
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम ने कहा है कि वह ईरान में अपने परमाणु परियोजनाओं से पीछे नहीं हटेगी। कंपनी के प्रमुख एलेक्सी लिकाचेव ने गुरुवार को कहा कि रोसाटॉम बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में दो नई इकाइयों के निर्माण के अपने समझौते के प्रति प्रतिबद्ध है। बता दें कि रोसाटॉम ने बुशहर में ईरान के एकमात्र परमाणु ऊर्जा संयंत्र की पहली 1 गीगावाट क्षमता वाली इकाई का निर्माण किया था। हालांकि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू होने के बाद कंपनी ने अपने कुछ कर्मचारियों को वहां से निकाल लिया और नई इकाइयों के निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोक दिया था। पढ़िए पूरी खबर…
राहुल ने संसद में उठाया LPG संकट का मुद्दा, एपस्टीन का जिक्र; पुरी ने दिया जवाब
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से पैदा हुए तेल और एलपीजी संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह तो बस अभी शुरुआत है। इसका बहुत बुरा असर होगा। राहुल गांधी ने एपस्टीन का भी जिक्र किया, जिसके बाद हंगामा मच गया। राहुल गांधी ने कहा, ''मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ गई है। अमेरिका, इजरायल और ईरान जंग में हैं। इस जंग के बहुत बड़े नतीजे होंगे। सेंट्रल रास्ता, जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल बहता है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, बंद हो गया है। इसका बहुत बुरा असर होगा, खासकर हम पर, क्योंकि हमारे तेल और नैचुरल गैस का एक बहुत बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से आता है। दर्द तो अभी शुरू हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…
क्या होता है 'गोइंग डार्क'? जिसका इस्तेमाल कर होर्मुज से सुरक्षित निकला जहाज
पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग ने वैश्विक ऊर्जा संकट को बढ़ा दिया है। तमाम देशों के जहाज इस समय होर्मुज स्ट्रेट के आसपास फंसे हुए हैं। इस बीच सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर भारत के लिए निकला एक जहाज, होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गया है। खाड़ी क्षेत्र में लड़ाई शुरू होने के बाद इस रास्ते से सुरक्षित निकलकर भारत आने वाला यह पहला जहाज है। पढ़ें पूरी खबर…
जयशंकर की ईरानी विदेश मंत्री से तीन बार हुई बात, जहाजों की सुरक्षा पर भी चर्चा
ईरान-अमेरिका युद्ध की वजह से दुनियाभर में तेल संकट पैदा हो गया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से किसी भी कार्गो जहाज को जाने से मनाही है, जिसकी वजह से कच्चे तेल के आयात पर असर पड़ा है। इस बीच, भारत सरकार ने बताया है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की पिछले कुछ दिनों में ईरानी विदेश मंत्री के साथ तीन बार बातचीत हुई है। आखिरी बातचीत में शिपिंग (जहाजों) की सुरक्षा और भारत में ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इसके अलावा, इस मामले में मेरे लिए कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। पढ़ें पूरी खबर…
‘राहुल चाहते हैं मोदी सुबह ट्रंप, दोपहर में पुतिन और शाम को जिनपिंग को गाली दें’
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर एक बार फिर से निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि राहुल चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह, दोपहर और शाम को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को गाली दें। इसी से उनकी आत्मा को शांति मिलेगी। निशिकांत दुबे ने कहा, ''इस देश में समस्या है कि विकसित भारत 2047 कैसे बनेगा, देश का विकास कैसे होगा। प्रधानमंत्री उसी के लिए पूरे देश को मिशन मोड में ले जा रहे हैं। लेकिन गांधी परिवार का जो इतिहास रहा है, श्रीलंका में लड़ाई चल रही थी, उसमें भारतीय सेना को राजीव गांधी जबरदस्ती ले गए और उसका नतीजा यह रहा कि विदेश में पहली बार वहां के सैनिकों ने हमारे प्रधानमंत्री पर हमला किया।'' पढ़ें पूरी खबर…


