अब हवाई किराये पर भी ईरान युद्ध का असर, एयर इंडिया ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया

Mar 10, 2026 10:50 pm ISTDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर अब हवाई यात्रा किराए पर भी नजर आएगा। एयर इंडिया ने इसके बारे में मंगलवार को घोषणा की। इसके मुताबिक एयर इंडिया घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए कीमतों में फेज वाइज बढ़ोत्तरी करेगा।

अब हवाई किराये पर भी ईरान युद्ध का असर, एयर इंडिया ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर अब हवाई यात्रा किराए पर भी नजर आएगा। एयर इंडिया ने इसके बारे में मंगलवार को घोषणा की। इसके मुताबिक एयर इंडिया घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए कीमतों में फेज वाइज बढ़ोत्तरी करेगा। यह फैसला ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते जेट फ्यूल ईंधनों के दाम बढ़ने के बाद लिया गया है। हालांकि एयर इंडिया फ्लाइट्स पर फिलहाल कोई फ्यूल सरचार्ज लागू नहीं होगा।

तीन चरणों में होगा लागू
एयर इंडिया ने एयरलाइन ने रेट्स का एक स्लैब दिया, जिसे वह तीन चरणों में लागू करेगी। एयर इंडिया ने कहाकि वह इस कदम को लेकर खेद जताती है, लेकिन इसे अनिवार्य बताते हुए कहाकि इस फैसले पर बाहरी फैक्टर्स का असर है। एयर इंडिया ने आगे कहाकि बिना सरचार्ज रिवीजन के, कुछ उड़ानें व्यावसायिक रूप से उपलब्ध नहीं रह पाएंगी और उन्हें रद्द किए जाने का खतरा हो सकता है। इसमें आगे कहा गया है कि फ्यूल सरचार्ज न होने पर संभव है कि कुछ उड़ाने अपनी लागत भी न निकाल पाएं। ऐसे में उन्हें रद्द करना पड़ सकता है।

समय-समय पर रिव्यू
एयरलाइन समय-समय पर सरचार्ज को रिव्यू करेगी और हालात के मुताबिक उन्हें एडजस्ट करती रहेगी। मिडिल ईस्ट के लिए उड़ानों में फ्यूल सरचार्ज 10 डॉलर होगा। वहीं, अफ्रीका के लिए उड़ानों में इसे बढ़ाकर 30 से 90 डॉलर किया जाएगा। दक्षिण-पूर्व एशिया की उड़ानों के लिए इसे 20 से 60 डॉलर कर दिया जाएगा। एयर इंडिया ने कहा कि एयरलाइन समय-समय पर इन्हें एडजस्ट करती रहेगी।

यहां यात्रियों को थोड़ी राहत
हालांकि टाटा संचालित एयरलाइन की कम लागत वाली शाखा, एयर इंडिया एक्सप्रेस फिलहाल अपनी उड़ानों पर कोई फ्यूल सरचार्ज नहीं लगाएगी। इससे यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती है। एयर इंडिया ने एक बयान में कहाकि मार्च 2026 की शुरुआत से, विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ), जो एक एयरलाइन की परिचालन लागत का करीब 40 फीसदी है, की कीमतों में आपूर्ति में बाधाओं के कारण काफी वृद्धि हुई है। भारत में, इस दबाव को उच्च उत्पाद शुल्क और दिल्ली और मुंबई जैसे प्रमुख महानगरों में एटीएफ पर वैट द्वारा बढ़ाया गया है। इससे लागत बढ़ती है और ऑपरेशन कॉस्ट पर भी दबाव बढ़ता है।

इसलिए हो रही मुश्किल
जेट ईंधन लंबे समय से एयरलाइनों के लिए सबसे अस्थिर इनपुट लागतों में से एक रहा है। भारत घरेलू रूप से पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल का उत्पादन नहीं करता। इससे ग्लोबल लेवल पर तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर यहां की एयरलाइंस पर पड़ता है। मध्य पूर्व में ईरान-अमेरिका युद्ध ने भी दुनिया भर में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को प्रभावित किया है।

हर्मुज स्ट्रेट युद्ध क्षेत्र का हिस्सा बनी हुई है, जिसके कारण इस क्षेत्र के प्रमुख बंदरों में 750 से अधिक मालवाहक जहाज फंसे हुए हैं। भारत अपनी प्राकृतिक गैस की जरूरत का 50 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय बाजार से खरीदता है। इसमें से, यह 20 प्रतिशत कतर से आयात करता है।

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मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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