बमबारी से सत्ता नहीं बदलती; ईरान पर इजरायल-US के हमले का उमर अब्दुल्ला ने किया विरोध
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे हमलों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सत्ता के भविष्य का फैसला करने का अधिकार उसकी जनता को होना चाहिए, न कि किसी दूसरे देश में बैठे व्यक्ति को।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईरान के ऊपर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले की निंदा की है। उन्होंने इस हमले को ताकत का घोर दुरुपयोग बताते हुए अंतर्राष्ट्रीय कानून का घोर उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सत्ता किसके पास रहना चाहिए, इसका फैसला उस देश के निवासियों को करना चाहिए, न कि किसी दूसरे देश में बैठे व्यक्ति को इसका अधिकार होना चाहिए।
खामेनेई की हत्या पर रोष जताते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि एक धार्मिक नेता की इस तरीके से हत्या कर देना बहुत ही ज्यादा चिंताजनक है। उन्होंने कहा, "उन्होंने एक ऐसे धार्मिक नेता का जीवन बलिदान कर दिया, जिनके नेतृत्व को सिर्फ शिया समुदाय ही नहीं बल्कि दुनिया भर के मुसलमान मान्यता देते हैं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि बाहरी ताकतें किसी देश में शासन परिवर्तन नहीं थोप सकतीं। उन्होंने कहा, "ईरान की सत्ता किसके हाथ में होगी इसका फैसला ईरान के लोगों को करना है, न कि वाशिंटकन, तेल अवीव, नई दिल्ली, बीजिंग या कहीं और बैठे व्यक्ति को। केवल ईरान की जनता ही तय कर सकती है कि वह किसकी सरकार को चाहते हैं और बदलाव कैसे करना है।"
बमबारी से नहीं बदलती सत्ता: उमर
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की उस राय का भी समर्थन किया, जिसमें कहा गया था कि हवाई बमबारी के जरिए शासन परिवर्तन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “आप हवाई बमबारी से शासन परिवर्तन नहीं कर सकते। शासन बदलने की इस कोशिश में उन्होंने एक धार्मिक नेता की जान तक ले ली।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में अभी भी एक निर्वाचित राष्ट्रपति मौजूद है, जिससे संकेत मिलता है कि हमला शासन परिवर्तन के घोषित उद्देश्य को हासिल नहीं कर सका है।
नेपाल और बांग्लादेश की जनता ने अपना भविष्य तय किया: अब्दुल्ला
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने हाल ही में संपन्न हुए नेपाल और बांग्लादेश के चुनावों को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नेपाल की जनता ने अपने देश की सत्ता का भविष्य तय कर लिया है, जैसे कुछ दिन पहले बांग्लादेश की जनता ने किया था। ठीक इसी तरह ईरान की जनता को भी अपने देश और अपनी सरकार के भविष्य को तय करना चाहिए। उन्होंने काठमांडू के पूर्व मेयर रहे नेपाल के नए और युवा प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि वे भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए रखेंगे।


