संकट में भारत ने बहुत साथ दिया, एकजुटता दिखाई; ईरानी प्रतिनिधि ने और क्या कहा?

Jagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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नई दिल्ली स्थित ईरानी सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए इलाही ने कहा कि यह दिन सिर्फ श्रद्धांजलि देने का नहीं, बल्कि भारत के प्रति आभार व्यक्त करने का भी है।

संकट में भारत ने बहुत साथ दिया, एकजुटता दिखाई; ईरानी प्रतिनिधि ने और क्या कहा?

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने भारत और यहां के लोगों का आभार जताया है। सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि ने कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के दौरान भारत ने ईरान के साथ खड़े होकर समर्थन और एकजुटता दिखाई और इसके लिए ईरान कृतज्ञ है। इलाही ने यह बातें अयातुल्लाह अली खामेनेई की शहादत के 40 दिन पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं।

नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में इलाही ने कहा, “मैं भारत सरकार का धन्यवाद करता हूं। उन्होंने हमारा साथ दिया, हमारे प्रति एकजुटता दिखाई और संवेदना व्यक्त की। आज इस कार्यक्रम में सरकार के कई अधिकारी और अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोग शामिल हुए, इसके लिए हम आभारी हैं।”

नई दिल्ली स्थित ईरानी सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित इस सभा को संबोधित करते हुए इलाही ने कहा कि यह दिन सिर्फ श्रद्धांजलि देने का नहीं, बल्कि भारत के प्रति आभार व्यक्त करने का भी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में भारत के लोगों ने जिस तरह समर्थन और संवेदना दिखाई, वह न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अली खामेनेई की हुई थी मौत

इलाही ने यह भी कहा कि कार्यक्रमों में लोगों की बड़ी भागीदारी यह बताती है कि सच की कोई सीमा नहीं होती और न्याय के साथ खड़े होने वाले दिल हर जगह एक जैसे होते हैं। गौरतलब है कि बीते 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद पश्चिम एशिया में भीषण जंग छिड़ गई थी। इसके एक दिन बाद ही इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है।

भारत ने की है शांति की वकालत

संघर्ष छिड़ने से लेकर बीते सप्ताह हुए सीजफायर तक भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से कई बार फोन पर बातचीत की और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सहित कई मुद्दों पर अहम चर्चा की। अली खामेनेई की याद में आयोजित इस कार्यक्रम में भी भारत ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जहां भारत की ओर से विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने भाग लिया और भारत सरकार की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की।

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Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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