ईरान-इजरायल में युद्ध की आशंका से चिंता में कश्मीरी, बोले- अपनों की सुरक्षा को रोज कर रहे प्रार्थनाएं

Oct 06, 2024 08:20 pm ISTGaurav Kala भाषा, श्रीनगर
share

  • Iran Israel war: ईरान में पढ़ रहे सैकड़ों कश्मीरियों के परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व में युद्ध का दायरा बढ़ने के बाद हो रहे घटनाक्रम बेहद परेशान करने वाले हैं।

ईरान-इजरायल में युद्ध की आशंका से चिंता में कश्मीरी, बोले- अपनों की सुरक्षा को रोज कर रहे प्रार्थनाएं

Iran Israel war:  ईरान और इजरायल के बीच लगातार बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया में नई जंग की दस्तक दे रहा है। ईरान बीते 1 अक्टूबर को इजरायली धरती को दहला चुका है और इजरायल ईरान को जवाब देने की तैयारी कर रहा है। इजरायली सूत्रों का कहना है कि सेना हमले के लिए तैयार है और टारगेट भी तय किए जा चुके हैं। जल्द ही ईरान पर हमला हो सकता है। इस बीच ईरान में पढ़ रहे सैकड़ों कश्मीरियों के परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि मध्य पूर्व में युद्ध का दायरा बढ़ने के बाद हो रहे घटनाक्रम बेहद परेशान करने वाले हैं।

ईरान में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों कश्मीरी युवकों के परिवार के सदस्य अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं, क्योंकि पश्चिम एशिया पूर्ण युद्ध के कगार पर है और कई लोग अब अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए वहां भेजने से कतराने लगे हैं। ईरान को एमबीबीएस समेत अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर होने वाले खर्च के लिहाज से अनुकूल है और कश्मीर के सैकड़ों छात्र वहां विभिन्न कॉलेजों में दाखिला लेना पसंद करते हैं। ऐसे छात्रों के परिवार इजराइल-हिज्बुल्ला संघर्ष और इजराइल-हमास युद्ध का दायरा बढ़ने के घटनाक्रमों को लेकर बहुत परेशान हैं।

एक अक्टूबर को ईरान ने इजराइल पर करीब 200 मिसाइल दागीं। ईरान ने यह मिसाइल इजराइल द्वारा हिज्बुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला और चरमपंथी संगठन के अन्य कमांडर को मारने के जवाब में दागीं। ईरान की कार्रवाई के बाद, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान को इसकी ‘‘कीमत चुकानी’’ पड़ेगी।

क्या कह रहे कश्मीरी

गांदरबल जिले के डाब गांव के निवासी डॉ. सैयद शिराज ने कहा, ‘‘मेरी बेटी का कॉलेज तेहरान से करीब 150 किलोमीटर की दूरी पर है। ईरान की राजधानी और पड़ोसी देशों में भी तनाव है।’’ उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘जिनके भी रिश्तेदार या परिजन ईरान में हैं, वे सभी परेशान हैं लेकिन हमें उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा।’’

शिराज ने कहा कि वह अपनी बेटी से लगातार संपर्क में हैं और वीडियो या ऑडियो कॉल के माध्यम से स्थिति की नियमित रूप से जानकारी लेते रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी बेटी का कहना है कि तेहरान में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन ऐसी कोई आपात स्थिति नहीं है। हालांकि, दूसरे देशों के लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है कि वे तेहरान में दूतावास के संपर्क में रहें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि स्थिति बहुत खराब होने वाली है लेकिन हमें अपने देश के नियमों का पालन करना होगा।’’

अपनों की सुरक्षा को रोज कर रहे प्रार्थनाएं

श्रीनगर के अंदरूनी इलाके सैदा कादल के निवासी एजाज अहमद हाजी ने कहा कि उनके भाई - इमरान हुसैन और बिलाल अहमद - ईरान में धार्मिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पिछले चार दिनों से भाइयों से बात नहीं की है और मैं चिंतित हूं। विदेश में रह रहे अपने नागरिकों को सकुशल रखना भारत सरकार की जिम्मेदारी है।’’ उन्होंने कहा, "मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मेरे भाई सुरक्षित रहें और मैं ईरान के लोगों के लिए भी प्रार्थना करता हूं।’’

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें