ईरान से हजारों किलोमीटर दूर भारत के इस राज्य पर जंग का बड़ा असर, क्यों चिंता में निर्यातक?

Mar 03, 2026 12:05 pm ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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असम ऑर्थोडॉक्स टी के एक्सपोर्टर इन दिनों बेहद परेशान हैं। मिडिल ईस्ट में शुरू हुई जंग भयावह होती जा रही है और ऐसे में शिपमेंट पर खतरा मंडरा रहा है। ऑर्थोडॉक्स टी सालों से ईरानियों का पसंदीदा पेय रहा है।

ईरान से हजारों किलोमीटर दूर भारत के इस राज्य पर जंग का बड़ा असर, क्यों चिंता में निर्यातक?

ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद अब पूरा मिडिल ईस्ट युद्ध के घेरे में आ गया है। पश्चिम एशिया में बिगड़ती स्थिति और तनाव से भारत भी अछूता नहीं है। एक तरफ भारत के कई नागरिक खाड़ी देशों में युद्धग्रस्त हालातों के बीच फंसे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी चिताएं बढ़ाई हैं। अब यह रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि जंग की वजह से ईरान से हजारों किमी दूर असम के चाय बगानों की रौनक भी फीकी पड़ गई है।

इसकी वजह है ईरान की पसंदीदा पेय- असम ऑर्थोडॉक्स चाय। भारतीय निर्यातक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यह जंग ऐसे ही चलती रही तो चाय के निर्यात पर गहरा असर पड़ सकता है। न्यूज 18 ने अपनी एक रिपोर्ट में असम के निर्यातकों के हवाले से बताया कि अगर ईरान में चल रहा संघर्ष लंबा खिंचता है तो चाय के निर्यात पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसा इसीलिए है क्योंकि असम ऑर्थोडॉक्स टी को ईरान में एक तरह से कम्फर्ट ड्रिंक माना जाता है और पानी के बाद यह वहां की सबसे सस्ती और लोकप्रिय पेय है और भारत काफी मात्रा में इसका निर्यात करता है।

इंडियन टी एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अंशुमान कनोरिया ने मामले पर बातचीत करते हुए कहा कि हालात लगातार बदल रहे हैं। उनके मुताबिक इस युद्ध की वजह से भुगतान में बड़ी दिक्कतें आ सकती हैं। दुबई शिपमेंट का प्रमुख ट्रांजिट हब है और मौजूदा समय में यहां भी स्थिति तनावपूर्व है।

कितना निर्यात करता है भारत?

ईरान असम की चाय के लिए एक अहम बाजार है। राज्य में बनने वाली प्रीमियम ऑर्थोडॉक्स चाय का करीब 46 प्रतिशत, यानी लगभग 2.5 करोड़ किलो, ईरान को निर्यात होता है। इसे देखते हुए असम सरकार ने ऑर्थोडॉक्स चाय उत्पादकों को सब्सिडी भी देती है। हालांकि ईरान में जारी संघर्ष से व्यापार प्रभावित होने की आशंका है।

कीमतों में गिरावट की आशंका

अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से पहले ही इसमें कुछ रुकावटें थीं, अब युद्ध से जुड़ी अनिश्चितताओं ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। निर्यातकों ने शिपमेंट में देरी, भुगतान जोखिम और कुछ अनुबंध रद्द होने की बात कही है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो घरेलू बाजार में अधिक आपूर्ति के कारण प्रीमियम ऑर्थोडॉक्स चाय की कीमतों में गिरावट भी आ सकती है।

ऑर्थोडॉक्स टी के दीवाने हैं ईरानी

असम ऑर्थोडॉक्स टी असम में उगाई जाने वाली एक प्रीमियम ब्लैक टी है। इसे पारंपरिक “ऑर्थोडॉक्स” तरीके से तैयार किया जाता है, जिसमें चाय की पत्तियों का प्राकृतिक आकार और गुण बनाए रखे जाते हैं। यह चाय अपने चमकदार तांबे जैसे रंग, गहरे माल्टी स्वाद और बेहतरीन खुशबू के लिए जानी जाती है। ईरान, इराक, रूस, ब्रिटेन और पश्चिम एशिया के अन्य देशों में इसकी खास मांग है।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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