TCS कांड के आरोपियों के बैंक खातों की जांच शुरू, SIT को अवैध फंडिंग की आशंका
TCS Nashik: जांचकर्ताओं के अनुसार अब तक 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)' के सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला है। जांचकर्ताओं के मुताबिक एक अन्य महिला कर्मचारी फरार है।

नासिक में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनी TCS यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज मामले की जांच जारी है। खबर है कि कुछ महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पैसे मिले थे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की जांच कर रहा है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि आरोपियों के बैंक खातों की जांच की जा रही है ताकि धन के स्रोत का पता लगाया जा सके। वैसे उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को इस मामले के संबंध में टीसीएस बीपीओ की महिला प्रबंधक (संचालन) की पुलिस हिरासत 15 अप्रैल तक बढ़ा दी।
7 हुए गिरफ्तार
जांचकर्ताओं के अनुसार अब तक 'टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)' के सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला है। जांचकर्ताओं के मुताबिक एक अन्य महिला कर्मचारी फरार है।
इस सप्ताह के आरंभ में, पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों की जांच के लिए एक SIT का गठन किया था। शिकायतकर्ताओं ने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों पर उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न करने तथा मानव संसाधन विभाग पर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और महिला प्रबंधक (संचालन) के रूप में हुई है, जिन्हें इस मामले के सामने आने के बाद में निलंबित कर दिया गया था।
क्या बोली कंपनी
टीसीएस ने रविवार को कहा कि कंपनी ने लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और जोर-जबरदस्ती को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है। उसने नासिक कार्यालय में यौन उत्पीड़न में कथित रूप से शामिल कर्मचारियों के निलंबन की पुष्टि की है।
सोमवार को 'टाटा संस' के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने यौन उत्पीड़न को 'बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक' बताया। साथ ही घोषणा की कि टीसीएस की मुख्य परिचालन अधिकारी आरती सुब्रमणियन के नेतृत्व में इस मामले की गहन जांच चल रही है, ताकि तथ्यों का पता लगाया जा सके और इस स्थिति के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा सके।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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