Hindi NewsIndia Newsinsult to the Quran Vishwa Hindu Parishad enraged by Zohran Mamdanis letter on Umar Khalid
यह कुरान का अपमान, जोहरान ममदानी की उमर खालिद वाली चिट्ठी पर भड़का विश्व हिंदू परिषद

यह कुरान का अपमान, जोहरान ममदानी की उमर खालिद वाली चिट्ठी पर भड़का विश्व हिंदू परिषद

संक्षेप:

दिल्ली में दंगों के आरोपी उमर खालिद के लिए न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी की ओर से लिखे गए पुराने नोट को लेकर अब बहस छिड़ गई है। विश्व हिंदू परिषद ने इसे कुरान का अपमान बता दिया है। 

Jan 02, 2026 04:34 pm ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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दिल्ली दंगे के आरोपी जेल में बंद उमर खालिद के लिए लिखी गई न्यूयॉर्क सिटी के नए मेयर जोहरान ममदानी की चिट्ठी सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि भारत को तोड़ने का सपना देखने वाले उमर खालिद का समर्थन करके ममदानी ने कुरान की तौहीन की है। वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने उन अमेरिकी सांसदों को भी निशाने पर लिया है जिन्होंने अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर उमर खालिद को रिहा करने की बात कही थी।

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वीएचपी ने कहा कि ममदानी जैसे लोग भारत के अपराधियों का समर्थन करने लगते हैं लेकिन जब हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया जाता है तब उनकी आवाज नहीं निकलती। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए अत्याचार को लेकर भी ऐसे लोग चुप हैं।

ममदानी के नोट में क्या था

न्यूयॉर्क सिटी के पहले मुस्लिम मेयर जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के माता-पिता से मिलने के बाद उमर खालिद के लिए एक नोट लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था, प्रिय उमर, मैं तुम्हारे उन शब्दों को याद करता हूं जिसमें तुमने कहा था कि कड़वाहट को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। तुम्हारे माता पिता से मिलकर हमें बेहद खुशी हुई। हम तुम्हें याद करते हैं। उमर खालिद की सहयोगी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने यह चिट्ठी सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने कैप्शन में लिखा जब जेल उन्हें अकेला करने की कोशिश करते हैं तो शब्दों की यात्रा होती है। जोहरान मामदानी ने उमर खालिद को यह चिट्ठी लिखी थी।

अमेरिकी सांसदों ने भी लिखी थी चिट्ठी

अमेरिका के कुछ सांसदों ने भी भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को पत्र लिखकर कहा था कि उमर खालिद को जमानत मिलनी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक उन्हें समय से सुनवाई का अधिकार है। बतादें कि 2020 में दिल्ली में हुए दंगों के मामले में उमर खालिद समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गा था। इन दंगों में कम से कम 53 लोग मारे गए थे और 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

यूएपीए का मामला दर्ज होने के बाद जमानत मिलनी मुश्किल होती है। वीएचपी के प्रवक्ता बंसल ने कहा, ममदानी को कुछ भी बोल देने से पहले कम से कम उमर खालिद जैसे लोगों का सच जान लेना चाहिए। यह आखिर किस तरह की मानसिकता है? ये हत्यारों के साथ खड़े हैं और ऐसे लोग कुरान को हाथ में लेकर शपथ लेकर कुरान का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि ममदानी को आत्ममंथन करने की जरूरत है।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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