कैश कांड वाले जस्टिस यशवंत वर्मा के अधजले नोटों के राज से उठेगा पर्दा? लोकसभा में पेश होगी रिपोर्ट
लोकसभा अध्यक्ष ने जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित बंगले से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले की पड़ताल के लिए बीते साल 12 अगस्त को एक जांच समिति का गठन किया था। समिति की रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखा जाएगा।

कैश कांड से सुर्खियों में आए जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने वाली समिति की रिपोर्ट बुधवार को लोकसभा में पेश होगी। लोकसभा की कार्यसूची के मुताबिक बुधवार को सदन के महासचिव दो खंडों में जांच रिपोर्ट सदन के पटल पर रखेंगे। इससे पहले समिति ने बीते मई महीने में अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को सौंप दी थी।
गौरतलब है कि जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से बड़े पैमाने पर नकदी मिलने के बाद उन्हें हटाने की कार्यवाही शुरू की गई थी। अध्यक्ष ने जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित बंगले से अधजले नोटों की गड्डियां मिलने के बाद मामले की पड़ताल के लिए 12 अगस्त, 2025 को तीन-सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।
क्या था पूरा मामला?
14 मार्च 2025 की शाम जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में अचानक भीषण आग लग गई थी। हादसे के वक्त जस्टिस वर्मा और उनकी पत्नी मध्य प्रदेश गए हुए थे और घर पर केवल उनकी बेटी और बुजुर्ग मां थीं। आग बुझाने के लिए बुलाए गए दमकलकर्मियों को एक स्टोररूम में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिले थे। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े वीडियोज भी वायरल हुए, जिसमें अधजले नोटों के बंडल दिख रहे थे। इससे हड़कंप मच गया। इसके बाद जस्टिस वर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए अपने खिलाफ गहरी साजिश करार दिया था।
दे दिया था इस्तीफा
घटना सामने आने के समय जस्टिस वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश थे और इस विवाद के बाद उन्हें वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया था। फिलहाल जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है और उन्हें हटाने की कार्यवाही लगभग निष्प्रभावी हो गई है। हालांकि, विधि मंत्रालय ने उनके इस्तीफे की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की है।


