‘घुसपैठिया’ बनाम ‘माफिया राज’, चुनावी घमासान में आमने-सामने PM और प्रियंका; किसने क्या कहा?

Pramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, गुवाहाटी
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Assam Poll: गांधी परिवार और असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के परिवार का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लिए दो ही परिवार हैं - एक दिल्ली में और दूसरा असम में; और उनकी प्राथमिकता अपने परिवारों का हित है, लोगों का नहीं।

‘घुसपैठिया’ बनाम ‘माफिया राज’, चुनावी घमासान में आमने-सामने PM और प्रियंका; किसने क्या कहा?

असम विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही सियासी बयानबाज़ी अपने चरम पर पहुंच गई है। इसी कड़ी में आज (बुधवार, 1 अप्रैल को) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जिसने राज्य के चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक चुनावी रैली में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो वह “घुसपैठियों को संरक्षण देने वाला कानून” ला सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियां राज्य की “पहचान, सुरक्षा और गौरव” के लिए खतरा हैं।

पीएम मोदी ने कांग्रेस को “भ्रष्टाचार की जननी” बताया और कहा कि ये पार्टी परिवारवाद की राजनीति करती है और जनता के बजाय अपने हितों को प्राथमिकता देती है। धेमाजी के गोगामुख में एक रैली को संबोधित करते हुए PM ने दावा किया कि कांग्रेस का मकसद "बहुसंख्यक समुदाय को अल्पसंख्यक बनाना और घुसपैठियों का एक स्थायी वोट बैंक तैयार करना" है। मोदी ने कहा, “कांग्रेस नेता खुलेआम कह रहे हैं कि वे असम में घुसपैठियों को बचाने के लिए एक नया कानून लाएंगे और खुले तौर पर उनका समर्थन कर रहे हैं।”

कांग्रेस के लिए दो ही परिवार

गांधी परिवार और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के परिवार का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "कांग्रेस के लिए दो ही परिवार हैं - एक दिल्ली में और दूसरा असम में; और उनकी प्राथमिकता अपने परिवारों का हित है, लोगों का नहीं।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस "विकास विरोधी और 'भ्रष्टाचार की जननी' है। PTI के अनुसार, मोदी ने आरोप लगाया, "उन्होंने (कांग्रेस ने) असम की 'आत्मा', 'शान', 'पहचान' और 'सुरक्षा' के साथ समझौता किया है।"

असम में “माफिया और सिंडिकेट राज”

दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने राज्य की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “माफिया और सिंडिकेट राज” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा है और आम जनता डर के माहौल में जी रही है। उन्होंने कहा कि असम की जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस को मौका देना चाहती है। वायनाड से सांसद प्रियंका ने अपने भाषण में प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग के निधन का मुद्दा भी उठाया और कहा कि किसी सम्मानित हस्ती के लिए न्याय की मांग करना राजनीतिक कर्तव्य है, न कि अवसरवादिता।

स्थायी भूमि पट्टा देने का आश्वासन

प्रियंका गांधी ने असम के नाज़िरा में एक रैली को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। मशहूर गायक ज़ुबीन गर्ग की बात करते हुए, जिनकी एक तैराकी दुर्घटना में मौत हो गई थी, उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार सत्ता में आती है, तो वह इस असमिया गायक को न्याय दिलाएगी। प्रियंका ने कहा कि 100 दिनों के भीतर इस मामले में न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों के लिए स्थायी भूमि पट्टा देने का भी आश्वासन दिया।

9 अप्रैल को मतदान

बता दें कि असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होना है। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर इस बात का संकेत है कि असम में इस बार मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है और चुनावी नतीजे राज्य की राजनीति की दिशा तय करेंगे।

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लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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