
इंडिगो के CEO और मैनेजर को राहत, DGCA के नोटिस का जवाब देने के लिए मिला और समय
पिछले छह दिनों से इंडिगो की उड़ानें बड़े पैमाने पर प्रभावित हैं। हजारों यात्री फ्लाइट रद्द होने और घंटों देरी से परेशान हैं। इसे देखते हुए शनिवार को डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ और अकाउंटेबल मैनेजर को नोटिस जारी किया था।
इंडिगो एयरलाइंस के पिछले 6 दिनों से लगातार जारी संकट के बीच विमानन नियामक DGCA ने कंपनी को राहत दी है। कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोरकेरास को कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। नोटिस में दोनों अधिकारियों से रविवार शाम तक जवाब मांगा गया था, लेकिन अब उन्हें सोमवार शाम 6 बजे तक का समय मिल गया है। यह छूट दोनों अधिकारियों की ओर से की गई अपील के बाद दी गई है। डीजीसीए के सीनियर अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पिछले छह दिनों से इंडिगो की उड़ानें बड़े पैमाने पर प्रभावित हैं। हजारों यात्री फ्लाइट रद्द होने और घंटों देरी से परेशान हैं। इसे देखते हुए शनिवार को डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ और अकाउंटेबल मैनेजर को शो-कॉज नोटिस जारी किया था, जिसमें उनसे पूछा गया था कि यात्रियों को हो रही भारी असुविधा के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार क्यों न ठहराया जाए।
अधिकारियों ने मांगा था अतिरिक्त समय
इंडिगो के दोनों अधिकारियों ने अतिरिक्त समय मांगते हुए कहा कि कंपनी का देशव्यापी परिचालन बहुत बड़े स्तर का है और कई अपरिहार्य कारणों के चलते यह संकट पैदा हुआ है। इसलिए विस्तृत जवाब तैयार करने में समय लग रहा है। डीजीसीए ने उनकी बात मानते हुए मोहलत बढ़ा दी, लेकिन साथ ही स्थिति पर कड़ी नजर रखने की बात भी कही है। आने वाले दिनों में इंडिगो पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई हो सकती है, अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ।
610 करोड़ रुपये के रिफंड की प्रक्रिया पूरी
इंडिगो ने रद्द या अत्यधिक विलंबित उड़ानों के लिए अब तक 610 करोड़ रुपये के रिफंड की प्रक्रिया पूरी कर ली है और शनिवार तक 3,000 नग सामान यात्रियों तक पहुंचा दिया गया है। सरकार ने कहा कि देश का विमानन नेटवर्क तेजी से सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है और परिचालन पूरी तरह स्थिर होने तक सभी सुधारात्मक कदम लागू रहेंगे। सरकार ने शनिवार को एयरलाइन को निर्देश दिया था कि रद्द उड़ानों से संबंधित टिकटों का रिफंड रविवार शाम तक पूरा किया जाए और यात्रियों के छूटे हुए सामान को अगले 48 घंटे के भीतर उन तक पहुंचाया जाए।





