45 हजार टन LPG लेकर भारत आ रहा 'सर्वशक्ति', अमेरिकी नाकेबंदी के बीच पार कर गया होर्मुज
ईरान और अमेरिका में तनाव के बीच दुनिया बड़े फ्यूल संकट से जूझ रही है। भारत भी उनमें से एक है। जानकारी के मुताबिक 45 हजार टन एलपीजी गैस के साथ एक सुपर टैंकर होर्मुज को पार कर गया है।

देशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की दिक्कत के बीच एक बड़ी राहत की खबर है। कम से कम 45 हजार टन एलपीजी लेकर भारत का एक सुपर टैंकर 'सर्वशक्ति' होर्मुज को पार कर गया है जो कि जल्द ही भारत पहुंच सकता है। आपको बता दें कि अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान की सख्ती के बीच यह बड़ी सफलता है कि भारत से जुड़ा टैंकर इस रास्ते को पार करके आगे बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक कड़ी सुरक्षा के साथ यह टैंकर भारत के पोर्ट पर पहुंचेगा। इसका चालक दल भी भारतीय ही है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्गो शिप भारतीय कंपनियों को गैस उपलब्ध करवाने वाला है। हालांकि इस मामले में IOC ने कोई जवाब नहीं दिया है। इससे पहले देश गरिमा नाम का टैंकर तेल लेकर मुंबई पोर्ट पर पहुंचा था। बता दें कि इस्लामाबाद में वार्ता फेल होने के बाद अमेरिका ने होर्मुज के आसपास नाकेबंदी कर दी थी। इसके बाद सैकड़ों जहाज होर्मुज के आसपास ही रुके हुए हैं।
अमेरिका ने कंपनियों को चेताया
ईरान से तनाव के बीच अमेरिका ने जहाजरानी कंपनियों से कहा है कि वे अगर होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को किसी तरह का शुल्क देंगी तो उन्हे प्रतिबंधों का सामना करना पड़ जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के मध्य जारी टकराव के बीच अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) द्वारा शुक्रवार को दी गई चेतावनी ने दबाव और बढ़ा दिया है। आम तौर पर शांति के समय दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है।
ईरान ने बना दिया टोलबूथ
ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा युद्ध शुरू किए जाने के बाद जहाजों पर हमले की धमकियां देकर और हमले करते हुए जलडमरूमध्य को सामान्य आवाजाही के लिए लगभग बंद कर दिया। बाद में, उसने कुछ जहाजों को अपनी तटरेखा के करीब वैकल्पिक मार्गों से मोड़कर सुरक्षित मार्ग प्रदान करना शुरू किया, और कई बार इस सेवा के लिए शुल्क भी वसूला। अमेरिका की प्रतिबंध चेतावनी का मुख्य केंद्र संबंधित टोलबूथ जैसी व्यवस्था है।
ओएएफसी के अनुसार, भुगतान की मांगों में केवल नकद ही नहीं, बल्कि 'डिजिटल परिसंपत्तियां, समायोजन, अनौपचारिक अदला-बदली, या अन्य प्रकार के वस्तु-आधारित भुगतान' भी शामिल हो सकते हैं, जिनमें परमार्थ दान और ईरानी दूतावासों में किए जाने वाले भुगतान भी शामिल हैं।
अमेरिका ने 13 अप्रैल को ईरान द्वारा जलडमरूमध्य बंद किए जाने के जवाब में अपनी ओर से एक नौसैनिक नाकाबंदी लागू की, जिससे किसी भी ईरानी तेल टैंकर को बाहर जाने से रोका गया और ईरान को उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए आवश्यक तेल राजस्व से वंचित कर दिया गया। अमेरिकी मध्य कमान ने कहा कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद से 45 वाणिज्यिक जहाजों को वापस जाने को कहा गया है।
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लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
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अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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