अमेरिका में लापता हुए भारतीय छात्र साकेत श्रीनिवासैया की मौत, 6 दिन बाद पाया गया शव

Feb 15, 2026 08:56 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिका के बर्कली में लापता हुए भारतीय छात्र का शव पाया गया है। कर्नाटक के रहने वाले साकेत श्रीनिवासैया 6 दिनों से लापता थे। सैन फ्रांसिस्को में भारतीय मिशन ने उनकी मौत की पुष्टि की है।

अमेरिका में लापता हुए भारतीय छात्र साकेत श्रीनिवासैया की मौत, 6 दिन बाद पाया गया शव

अमेरिका के बर्कली में लापता हुए भारतीय छात्र का 6 दिन बाद शव पाया गया है। 22 साल के साकेत श्रीनिवासैया यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में पोस्ट ग्रैजुएशन के छात्र थे और वह अचानक 9 फरवरी को लापता हो गए थे। सैन फ्रांसिस्को में भारतीय कॉन्सुलेट ने उनके शव के पाए जाने की पुष्टि की है। मिशन की तरफ से कहा गया. हमें बेहद दुख है कि पुलिस ने बताया है कि साकेत श्रीनिवासैया की मौत हो गई है और उनका शव पाया गया है। हम साकेत के परिवार वालों के लिए संवेदना व्यक्त करते हैं।

भारतीय मिशन ने कहा, हम साकेत के परिवार की हर संभव मदद करने को तैयार हैं। स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल के जरिए हम साकेत के पार्थिव शरीर को भारत भिजवाने का प्रबंध कर रहेहैं। हमारा कार्यालय परिवार के साथ सीधे संपर्क में है और सभी औपचारिकताओं के लिए भी हम परिवार के साथ खड़े हैं।

कहां से लापता हो गए थे साकेत?

जानकारी के मुताबिक साकेत आखिरी बार बर्कली हिल्स इलाके में देखे गए थे। वह अंजा लेक के पास गए थे। स्थानीय मीडिया के मुताबिक उनका पासपोर्ट और लैपटॉप पास में ही पाया गया है। कर्नाटक के रहने वाले श्रीनिवासैया ने आईआईटी मद्रास से बीडटेक किया था और आगे की पढ़ाई के लिए वह अमेरिका गए थे। 2025 में ही उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया में ऐडमिशन लिया था।

13 फरवरी को कर्नाटक सरकार की मुख्य सचिव ने विदेश सचिव विक्रम मिसरी को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया है कि साकेत के परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, बर्कले पुलिस विभाग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका है। स्थिति की गंभीरता और राज्य में रह रहे उनके परिवार की बढ़ती चिंता को देखते हुए, शालिनी ने विदेश मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप और सहायता का अनुरोध किया था।

रूममेट ने क्या बताया

साकेत के रूममेट ने ही सबसे पहले उनके गायब होने की बात सोशल मीडिया पर बताई थी और पुलिस से मदद मांगी थी। साकेत के कमरे में साथ रहने वाले बिनीत सिंह ने कहा कि इस घटना से यहां रहने वाला हर भारतीय स्तब्ध है। उन्होंने कहा, हम प्रशासन के साथ मिलकर साकेत के परिवार को इमर्जेंसी वीजा पर अमेरिका बुलाने का प्रयास कर रहे हैं।

बिनीत ने कहा कि 9 फरवरी को लापता होने से पहले साकेत ज्यादा कुछ खाते-पीते नहीं थे। वह अकसर चिप्स खाकर ही रह जाते थे। हालांकि इसके अलावा उनके चहरे पर कोई तनाव नहीं दिखता था। उन्होंने कहा कि 21 जनवरी को भी श्रीनिवासैया ने उन्हें झील के किनारे बुलाया था और कहा था वह बहुत आलसी हो गए हैं और कुछ करने का मन नहीं करता है।

बाथरोब पहनकर पहुंच गए थे क्लास

साकेत के रूममेट ने बताया कि आखिरी बार उनके बीच बात तब हुई थी जब वह बाथरोब पहनकर क्लास चले गए थे। वापस आने पर मैंने पूछा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। इसपर साकेत ने जवाब दिया, मुझे किसी की परवाह नहीं है। इसके बाद दोनों हंसने लगे थे।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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