ट्रेन में स्मोकिंग करने वालों की खैर नहीं, रेलवे ने बदल दिए चार नियम; फेरी लगाने पर भी ऐक्शन
भारतीय रेलवे ने ट्रेन में स्मोकिंग करने वाले लोगों पर सख्ती करना शुरू कर दिया है। अब अगर कोई व्यक्ति ट्रेन में स्मोकिंग करते हुए पकड़ा जा सकता है। तो उस पर 20 गुना ज्यादा यानी कि 2000 रुपए का जुर्माना लगेगा। इतना ही नहीं उसका टिकट जब्त करके ट्रेन से भी उतारा जा सकता है।

Indian Railways New rules: हर दिन करोड़ों लोगों के सफर का साथी बनने वाली भारतीय रेल अब बदलाव के दौर से गुजर रही है। लोगों की सुविधा को बढ़ाने और उनके सफर को अनुभव को बेहतर बनाने के लिए मंत्रालय ने नियमों को सख्त करने का फैसला लिया है। मंत्रालय की तरफ से ट्रेन में धूम्रपान (स्मोकिंग) करने वाले लोगों पर लगने वाले जुर्माने की राशि को बढ़ा दिया है। अब अगर कोई ट्रेन में स्मोकिंग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके ऊपर 2000 रुपए का जुर्माना लगेगा। इतना ही नहीं, उसका टिकट जब्त करके उसे ट्रेन से उतारा भी जा सकता है। जुर्माना न देने की स्थिति में उसे कोर्ट के समक्ष भी पेश किया जा सकता है, जहां पर अधिकतम जुर्माना राशि 5000 रुपए हैं। स्मोकिंग करने वालों के अलावा मंत्रालय ने रेल के अंदर फेरी लगाने वाले और भीख मांगने वालों के खिलाफ भी ऐक्शन की तैयारी कर ली है।
हाल ही में जारी किए गए गजट के मुताबिक, 1 जुलाई से भारतीय रेल ने यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े बदलावों की तैयारी कर ली है। स्लीपर और जनरल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव बेहद आरामदायक साबित होंगे। आइए जानते हैं भारतीय रेल द्वारा लागू किए जा रहे चार बड़े नियमों के बारे में…
भारतीय रेलवे में धूम्रपान पर पाबंदी
आम तौर पर भारतीय रेल और रेल परिसरों में धूम्रपान करने पर पाबंदी लगी हुई है। लेकिन जुर्माना इतना कम है और ढिलाई इतनी ज्यादा है कि लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं। इसी ढिलाई को साधने के लिए केंद्र सरकार ने नया नियम लागू किया है। जन विश्वास अधिनिय 2026 के मुताबिक, रेल अधिनियम की धारा 167 (3) के तहत आने वाले अपराधों पर अब 100 रुपए की जगह 2000 रुपए का जुर्माना लगेगा। इसका मतलब है कि रेल परिसर या रेल में स्मोकिंग करते पकड़े जाने पर व्यक्ति को 2000 रुपए का जुर्माना देना पड़ सकता है।
इसके अतिरिक्त व्यक्ति का टिकट भी जब्त कर लिया जाएगा और कोई भी रेल कर्मचारी उसे ट्रेन से उतार सकता है। गजट के मुताबिक, अगर अपराधी जुर्माना देने से इनकार करता है, तो उसे सक्षम न्यायालय के सामने ले जाया जाएगा। यहां पर दोष सिद्ध होने पर उसके ऊपर 5000 रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है।
भारतीय रेल में अब फेरी लगाने वालों की भी खैर नहीं
स्लीपर और जनरल बोगी में सफर करने वाले लोग इस बात को समझ सकते हैं कि ट्रेन के भीतर रेलवे कर्मचारियों के अलावा कई अन्य लोग भी सामान बेचने के लिए फेरी लगाते रहते हैं। नए नियमों के मुताबिक सरकार ने इन फेरीवालों पर भी नकेल कसनी शुरू कर दी है। जन विश्वास अधिनियम की धारा 144 के तहत बिना लाइसेंस के रेल में फेरी लगाने वालों पर भी अब 2000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद अगर आरोपी जुर्माना नहीं देता है, तो उसे अदालत के सामने ले जाया जा सकता है, जहां पर उसके ऊपर पांच हजार रुपए का जुर्माना और तीन महीने के कारावास की सजा हो सकती है।
इस सजा के बाद भी अगर आरोपी बार-बार फेरी लगाते हुए पकड़ा जाता है, तो चौथी बार पकड़े जाने पर उसे एक साल के कारावास की सजा या फिर 5000 रुपए के जुर्माने या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
किसी को भी भीख मांगने की अनुमति नहीं होगी
भारतीय रेलवे के नए नियमों के मुताबिक किसी भी व्यक्ति को ट्रेन में या ट्रेन परिसर के अंदर भीख मांगने की अनुमति नहीं होगी। कोई व्यक्ति यदि भीख मांगते हुए पाया जाता है, तो उसे भी फेरी लगाने वालों के समान ही जुर्माने और कारावास की सजा दी जा सकती है। गजट के मुताबिक भारतीय रेल का कोई भी कर्मचारी ऐसे व्यक्ति को ट्रेन से उतार सकता है।
भारतीय रेल में बिना टिकट यात्रा करने वालों पर अब जुर्माना ज्यादा
भारतीय रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक हर दिन बड़ी संख्या में लोग बिना टिकट यात्रा करते हैं। इससे रेलवे को करोड़ों का नुकसान होता है, जबकि यात्रियों को भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसकी को कम करने के लिए मंत्रालय ने बिना टिकट यात्रा करने वाले लोगों पर लगने वाले जुर्माने की राशि को बढ़ाकर दोगुना करने का फैसला लिया है। अभी तक यह राशि केवल 250 रुपए थी, जो अब बढ़कर 500 रुपए हो जाएगी।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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