
भारतीय नौसेना की जांबाजी, अदन की खाड़ी में बड़े धमाके के बाद INS त्रिकंद ने चलाया रेस्क्यू मिशन
जहाज ओमान के सोहर पोर्ट से जिबूती जा रहा था। धमाके के बाद जहाज का लगभग 15 फीसदी हिस्सा आग की चपेट में आ गया, जिससे क्रू को जहाज छोड़ कर भागना पड़ा और जहाज समुद्र में बहने लगा।
भारतीय नौसेना की जांबाजी का उत्कृष्ट उदाहरण एक बार देखने को मिला है। नौसेना के युद्धपोत INS त्रिकंद ने हाल ही में अपना पराक्रम दिखाते हुए अदन की खाड़ी में एक अहम रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है। नौसेना ने अफ्रीका के जिबूती के तट के पास एक बड़े हादसे के बाद बहादुरी से राहत अभियान चलाया और आग बुझाने में भी अहम भूमिका निभाई। घटना तब हुई जब कैमरून का एक एलपीजी कैरियर जहाज, दुर्घटना का शिकार हो गई और जहाज में भयानक आग लग गई।

नौसेना के मुताबिक INS त्रिकंद ने MV फाल्कन से मिले डिस्ट्रेस कॉल पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। इसके बाद नौसेना ने जहाज के मालिक की ओर से भेजे गए सिविल टग के साथ मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। हादसे के वक्त जहाज पर सवार 26 में से 24 क्रू मेंबर पहले ही जहाज छोड़कर भाग चुके थे। जहाज के क्रू मेंबर में 25 भारतीय और 1 ब्रिटिश नागरिक शामिल थे। उन्हें आस पास मौजूद मर्चेंट शिप्स ने बचाया।
इसके बाद INS त्रिकंद के फायरफाइटर्स और मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर भीषण गर्मी, जहरीले धुएं और टूटे ढांचे के बीच फंसे दो लापता सदस्यों के शव बरामद किए। नौसेना ने बताया कि बरामद किए गए शवों को बाद में भारतीय दूतावास, जिबूती को सौंप दिया गया।
इससे पहले बीते 18 अक्टूबर को यमन के एडन तट से 113 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में एमवी फाल्कन में जोरदार धमाका हुआ। जहाज ओमान के सोहर पोर्ट से जिबूती जा रहा था। धमाके के बाद जहाज का लगभग 15 फीसदी हिस्सा आग की चपेट में आ गया, जिससे क्रू को जहाज छोड़ना पड़ा और जहाज समुद्र में बहने लगा। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी ऐम्ब्रे के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह धमाका महज एक दुर्घटना मानी जा रही है। हालांकि असली वजह की जांच अभी जारी है।





