भारत ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद शुरू की, क्यों टेंशन में आ गए दुश्मन

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यह सौदा वायुसेना के मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) कार्यक्रम का हिस्सा है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास केवल 29 स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत आवश्यकता 42.5 स्क्वाड्रन की है। 2016 के समझौते के तहत 36 राफेल जेट्स पहले ही शामिल हो चुके हैं। 

भारत ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद शुरू की, क्यों टेंशन में आ गए दुश्मन

भारत सरकार ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। रक्षा मंत्रालय के अधिग्रहण विंग ने पिछले सप्ताह फ्रांसीसी सरकार को लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (LoR) जारी किया है। इस डील की अनुमानित लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये है, जो देश के सबसे बड़े सैन्य खरीद कार्यक्रमों में से एक है। सूत्रों के अनुसार, फ्रांसीसी पक्ष दो-तीन महीने में जवाब देगा और एक साल के अंदर समझौता अंतिम रूप ले सकता है। यह खरीद भारतीय वायुसेना की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

यह प्रस्तावित सौदा भारतीय वायुसेना के मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) कार्यक्रम का हिस्सा है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास केवल 29 स्क्वाड्रन हैं, जबकि स्वीकृत आवश्यकता 42.5 स्क्वाड्रन की है। पहले 2016 के समझौते के तहत 36 राफेल जेट्स पहले ही शामिल हो चुके हैं। नई खरीद से वायुसेना की लड़ाकू क्षमता में काफी वृद्धि होने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम वायुसेना की घटती ताकत को मजबूत करने और आधुनिक युद्ध क्षमताओं को बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है।

मेक इन इंडिया पर जोर

डील के तहत अधिकांश विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। फ्रांसीसी कंपनी दसॉल्ट एविएशन और भारतीय पार्टनर के बीच साझेदारी से करीब 90-94 जेट्स स्वदेशी उत्पादन होंगे, जबकि बाकी फ्रांस से सीधे आएंगे। इस कार्यक्रम में लगभग 50 प्रतिशत लोकलाइजेशन का लक्ष्य रखा गया है। यह राफेल कार्यक्रम की दृष्टि से ऐतिहासिक होगा क्योंकि पहली बार फ्रांस के बाहर इन विमानों का उत्पादन होगा। इस तरह यह डील भारत के दुश्मनों को टेंशन में डालने वाली है। इस समझौते में स्वदेशी हथियारों और सिस्टम को एकीकृत करने की भी अनुमति होगी। खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहेगी और कोई मध्यस्थ नहीं होगा।

यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मध्य जून में प्रस्तावित फ्रांस यात्रा से पहले उठाया गया है। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अभी फ्रांस में हैं और दसॉल्ट की फैसिलिटी का दौरा कर रहे हैं। यह सौदा भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देगा। साथ ही मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय रक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी। इस तरह यह डील न केवल वायुसेना की ताकत बढ़ाएगी बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी साकार करेगी।

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Niteesh Kumar

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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