पाकिस्तान के दिल पर लोटेगा सांप, आज से भारत-UAE के बीच सैन्य अभ्यास; दुनिया देखेगी ताकत
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय दल में 45 जवान हैं, जो मुख्य रूप से मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। यूएई की थल सेना का दल, जिसकी संख्या भी लगभग इतनी ही है, 53वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री बटालियन द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाएगा।

भारत और संयुक्त अरब अमीरात की सेनाएं 18 से 30 दिसंबर तक एक संयुक्त सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेंगी, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करना है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। भारतीय सेना का एक दल अबू धाबी में आयोजित होने वाले अभ्यास 'डेजर्ट साइक्लोन' के दूसरे संस्करण में भाग लेने के लिए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) रवाना हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग दो सप्ताह तक चलने वाले इस अभ्यास में दोनों देशों के सैनिक संयुक्त रूप से सामरिक अभ्यासों की व्यापक श्रृंखला में प्रशिक्षण लेंगे, जिसमें शहरी क्षेत्रों में युद्ध, हेलीकॉप्टर-आधारित ऑपरेशन और विस्तृत मिशन प्लानिंग शामिल हैं।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय दल में 45 जवान हैं, जो मुख्य रूप से मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। यूएई की थल सेना का दल, जिसकी संख्या भी लगभग इतनी ही है, 53वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री बटालियन द्वारा प्रतिनिधित्व किया जाएगा। इस अभ्यास का लक्ष्य शहरी वातावरण में संयुक्त प्रशिक्षण के जरिए भारतीय सेना और यूएई थल सेना के बीच अंतर-संचालनीयता (इंटरऑपरेबिलिटी) को बढ़ाना तथा रक्षा सहयोग को मजबूत करना है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत उप-पारंपरिक अभियानों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस रणनीति से दोनों सेनाएं शांति स्थापना, आतंकवाद-विरोधी और स्थिरता अभियानों में एक साथ प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगी। लगभग दो सप्ताह तक दोनों देशों के सैनिक संयुक्त रूप से सामरिक अभ्यासों की विस्तृत श्रृंखला में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, जिसमें शहरी क्षेत्रों में लड़ाई, हेलीकॉप्टर-आधारित ऑपरेशन और विस्तृत मिशन प्लानिंग शामिल होगी। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में संचालन के लिए यूएएस (अनमैन्ड एरियल सिस्टम) और काउंटर-यूएएस तकनीकों का एकीकरण भी किया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय ने आगे कहा कि 27-28 अक्टूबर को यूएई थल सेना कमांडर और 15-19 दिसंबर को यूएई प्रेसिडेंशियल गार्ड कमांडर की सफल भारत यात्राओं की गति को बनाए रखते हुए, 'डेजर्ट साइक्लोन-II' अभ्यास भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करेगा। इस अभ्यास से दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर संबंध गहरे होंगे, रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं की पारस्परिक समझ बढ़ेगी तथा अंतर-संचालनीय क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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