विश्व में तीसरी सबसे मजबूत है भारतीय वायुसेना, ड्रैगन को छोड़ा पीछे; पाकिस्तान के क्या हाल?
Indian Air Force: भारतीय वायुसेना ने एक बार फिर से वैश्विक रैंकिंग में चीन और पाकिस्तान दोनों को पछाड़ दिया है। WDMMA द्वारा जारी की जाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना इस समय पर दुनिया की तीसरी सबसे मजबूत वायुसेना है। चीन इस मामले में चौथे नंबर पर है, जबकि पाकिस्तान काफी पीछे है।

Indian Air Force: दुश्मनों से घिरी भारत की सीमाओं की रक्षा के लिए वायुसेना हमेशा ही अडिग रही है। ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में भी हमारी वायुसेना ने अपना लोहा मनवाया है। अब दुनिया भर की वायु सेनाओं पर नजर रखने वाली 'वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉर्डन एयरक्राफ्ट' (WDMMA) ने अपनी नई रिपोर्ट में एक बार फिर से भारत को चीन से आगे रखा है। भारतीय वायुसेना दुनिया की तीसरी सबसे मजबूत वायुसेना का खिताब अपने पास रखा है। चीन चौथे नंबर पर है, जबकि अमेरिका और रूस क्रमशः पहले और दूसरे नंबर पर हैं। वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान इस लिस्ट में बहुत पीछे है।
103 देशों की वायु सेनाओं का आंकलन करने वाली 'वर्ल्ड डायरेक्टरी आफ माडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट' (WDMMA) की रिपोर्ट की बात करें, तो इसमें एयरफोर्स, नेवी और जमीनी सेना को भी रखा गया है। इसमें सबसे ऊपर अमेरिकी एयरफोर्स है। इसका स्कोर 242.9 टीवीआर है। अमेरिकी वायुसेना के पास करीब 5,004 एयरक्राफ्ट हैं। दुसरे नंबर पर अमेरिकी नेवी है, जिसका स्कोर 142.4 टीवीआर है। इसके अलावा तीसरे नंबर पर यूक्रेन में जंग लड़ रही रूसी वायुसेना है, जिसका स्कोर 114.2 टीवीआर है।
पाकिस्तान काफी पीछे
इसके बाद नंबर चार और पांच पर क्रमशः अमेरिकी आर्मी और अमेरिकी मरीन कॉर्प्स हैं। जबकि छटवें नंबर पर भारतीय वायुसेना है। वहीं पाकिस्तान इस रैंकिंग में 44.3 टीवीआर और 879 एयरक्राफ्ट के साथ 18वें नंबर पर नजर आता है। अगर अमेरिका के नौसेना और अन्य सेनाओं को हटा दिया जाए। तो वायुसेना के लिहाज से भारत तीसरे नंबर पर आता है। भारतीय वायुसेना का टीवीआर स्कोर 69.4 है। भारतीय वायुसेना अपने बेहतर सामंजस्य और अनुभव की वजह से चीन को पीछे छोड़ती है। चीनी वायुसेना की बात करें, तो उसका स्कोर 63.8 है। इस स्कोर के साथ वह चौथे नंबर पर है।
चीन के पास एयरक्राफ्ट ज्यादा फिर पीछे कैसे?
इस रिपोर्ट के बाद लोगों के मन में यह सवाल आ सकता है कि भारतीय वायु सेना के पास सक्रिय तौर पर 1,716 एयर क्राफ्ट हैं। इनमें सात प्रकार के 542 लड़ाकू विमान भी शामिल हैं। (सितंबर 2025 में रिटायर हो चुके मिग-21 भी इसमें शामिल) दूसरी तरफ चीन के पास करीब 3,733 एयरक्राफ्ट हैं। इसके बाद भी भारत आगे हैं।
इस सवाल का जवाब इस संस्था के काम करने के तरीके में छिपा हुआ है। WDMMA की रैंकिंग किसी देश में काम करने वाले कुल एयरक्राफ्ट से नहीं बल्कि उनकी उपयोगिता से तय होती है। इसके लिए यह संस्था अपनी ट्रू-वैल्यू रेटिंग TVR यह करती है। इस रैंकिंग को बेड़े की संरचना, तकनीकि क्षमता, आधनिकिकरण, ऑपरेशनल क्षमता और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के आधार पर मापा जाता है। इसके हवा में ईंधन भरने वाले विमान और परिवहन विमान भी इस रैंकिंग को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
भारत के पास कौन-कौन से एयरक्राफ्ट?
इस रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय वायुसेना में कुल 542 लड़ाकू विमान शामिल हैं। (मिग-21 मिलाकर) इसके साथ ही सेना लगातार नए विमानों को शामिल करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। लड़ाकू विमानों के अलावा सेना के पास 498 हेलीकॉप्टर भी हैं, जिनमें 222 एमआई-17 और स्वदेशी एचएएल ध्रुव और 111 प्लेटफॉर्म शामिल है। इसके अलावा वायुसेना के पास 282 परिवहन विमान और 374 ट्रेनी एयरक्राफ्ट भी हैं। इनमें से 325 विमान केवल ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
भारतीय वायुसेना के अलावा भारतीय नौसेना और थलसेना ने भी इस लिस्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई है। भारतीय जल सेना 232 विमानों के साथ 27 वें नंबर पर है। जबकि भारतीय आर्मी 540 विमानों के साथ 36वें नंबर पर है।


