Hindi NewsIndia NewsIndian Air Force proposal to purchase 114 more Rafale aircraft will be placed before DAC before Macron visit
पाकिस्तान की उड़ेगी नींद, सुपरपावर बनने को तैयार है IAF; 114 राफेल खरीदने की तैयारी में भारत

पाकिस्तान की उड़ेगी नींद, सुपरपावर बनने को तैयार है IAF; 114 राफेल खरीदने की तैयारी में भारत

संक्षेप:

फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे से ठीक पहले रक्षा अधिग्रहण परिषद में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की मेगा डील को मंजूरी मिलने की तैयारी जोरों पर है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की इस खरीद से IAF का बेड़ा मजबूत होगा और मेक इन इंडिया को नई ऊंचाई मिलेगी।

Feb 09, 2026 08:55 pm ISTDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे से ठीक पहले रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) में 114 राफेल लड़ाकू विमानों की मेगा डील को मंजूरी मिलने की तैयारी जोरों पर है। करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की इस खरीद से IAF का बेड़ा मजबूत होगा और 'मेक इन इंडिया' को नई ऊंचाई मिलेगी। DAC की बैठक 12 फरवरी 2026 को होने वाली है, जहां आवश्यकता स्वीकृति (Acceptance of Necessity) दी जा सकती है। मैक्रों 18-20 फरवरी के आसपास AI Impact Summit के लिए भारत आएंगे, और इस दौरान डील को आगे बढ़ाने या फाइनल टच देने की संभावना है।

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प्रस्ताव के मुताबिक, भारत फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 18 तैयार (फ्लाई-अवे) राफेल विमान खरीदेगा, जबकि बाकी 96 लड़ाकू विमान भारत में निजी क्षेत्र की कंपनियों के साथ साझेदारी में बनाए जाएंगे। इनमें से कई विमान दो-सीट वाले होंगे, जिनका इस्तेमाल प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। रक्षा अधिग्रहण परिषद द्वारा भारतीय वायुसेना को 114 राफेल बहु-भूमिका लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए आवश्यकता स्वीकृति (AoN) देने की उम्मीद है। रक्षा खरीद नियमों के अनुसार, परिषद से AoN मिलना खरीद प्रक्रिया का पहला औपचारिक कदम है। डीपीबी से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।

डीएसी की मंजूरी के बाद अगला चरण वाणिज्यिक बातचीत होगा, और फिर इस योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) से हरी झंडी मिलनी होगी। अधिकारियों ने पहले ही बताया था कि प्रस्तावित 114 विमानों की खरीद से भारतीय वायुसेना की समग्र क्षमता में होने वाली वृद्धि की अनुमानित लागत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये होगी।

गौरतलब है कि भारत के पास पहले से ही 36 राफेल लड़ाकू विमान मौजूद हैं, जिन्हें पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तैनात किया गया था। ये विमान उन लड़ाकू विमानों में शामिल थे जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी तथा सैन्य ठिकानों पर भारतीय हमलों में अहम भूमिका निभाई थी।

बता दें कि राफेल जेट उन्नत हथियारों से लैस हैं, जिनमें स्कैल्प मिसाइलें, मेटियोर हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और हैमर सटीक निर्देशित बम शामिल हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इन हथियारों ने न सिर्फ पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह किया, बल्कि पाकिस्तानी विमानों को भी नष्ट किया। अक्तूबर 2025 में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने नए लड़ाकू विमानों समेत सैन्य उपकरणों को तेजी से शामिल करने की जरूरत पर जोर दिया था।

उन्होंने कहा था कि राफेल भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े को मजबूत करने के प्रमुख विकल्पों में से एक है। साथ ही उन्होंने विदेशी मूल उपकरण निर्माता और भारतीय कंपनी के बीच साझेदारी से भारत में 114 बहु-भूमिका लड़ाकू विमानों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। रक्षा खरीद बोर्ड (डीपीबी) द्वारा पिछले महीने हरी झंडी मिलने के बाद यह प्रस्ताव अब डीएसी के समक्ष रखा जा रहा है। डीपीबी की अध्यक्षता रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह कर रहे हैं।

Devendra Kasyap

लेखक के बारे में

Devendra Kasyap

देवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।

देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।

मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।

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