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अमेरिका से ट्रेड डील के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप के इस प्लान को झटका देगा भारत, बैठक से इनकार

अमेरिका से ट्रेड डील के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप के इस प्लान को झटका देगा भारत, बैठक से इनकार

संक्षेप:

अमेरिका के इस बोर्ड में पाकिस्तान और तुर्की पहले ही शामिल हो चुके हैं। कश्मीर मसले पर इन दोनों देशों के साथ भारत का विवाद बना हुआ है। ऐसे में गाजा के मसले पर इनका शामिल होना भी अखरने वाली बात है। यही नहीं पाकिस्तान को इसका हिस्सा बनाए जाने से इजरायल भी सहज नहीं है।

Feb 10, 2026 10:56 am ISTSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अमेरिका के साथ भारत ने ट्रेड डील कर ली है। इसके साथ ही अब तक 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ कम होकर 18 पर्सेंट पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसका ऐलान किया था। इसके बाद से ही माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के संबंध सुधर गए हैं, लेकिन इसके बाद भी भारत ने डोनाल्ड ट्रंप को गाजा पीस प्लान पर करारा झटका देने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक भारत की ओर से 19 फरवरी को होने वाली इस मीटिंग से दूर रहने का ही फैसला लिया गया है। गाजा पीस बोर्ड की पहली बैठक 19 फरवरी को होने वाली है। ट्रंप की ओर से शुरू किए गए बोर्ड ऑफ पीस का यह पहला जुटान है, जिसमें कई देशों के पहुंचने की संभावना है।

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इसके बाद भी भारत की ओर से इससे दूरी बनाए रखने का ही इरादा नजर आ रहा है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार अब भी भारत सरकार की ओर से ट्रंप के प्रस्ताव का अध्ययन ही किया जा रहा है। इस मामले में भारत सबसे पहले बैठक में पहुंचने वाले देशों में शुमार नहीं होना चाहता। भारत की यह कोशिश है कि पहले कुछ बड़े देश इसका हिस्सा बन जाएं, उसके बाद ही इस संबंध में कोई फैसला लिया जाए। हाल ही में अरब लीग के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भारत की मीटिंग थी। इसमें भी ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस को लेकर बात हुई थी। इस बोर्ड में कई अरब देश शामिल हैं, लेकिन उन्होंने अब तक इस मीटिंग में शामिल होने को लेकर फैसला नहीं लिया है।

इस दौरान भारत ने अरब लीग के देशों से उनके विचार जाने। इन देशों का कहना था कि वे भले ही बोर्ड के मेंबर बन गए हैं, लेकिन भविष्य की रणनीति के बारे में अभी विचार करना है। इस महीने के आखिर तक पीएम नरेंद्र मोदी खुद इजरायल जाने वाले हैं। ऐसे में यह मसला वहां भी एजेंडा बन सकता है। बता दें कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे विवाद को लेकर भारत की राय टू-नेशन सॉलूशन वाली रही है।

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ट्रंप के बोर्ड में क्या है पाकिस्तान और तुर्की वाली परेशानी

दरअसल भारत की ओर से इस बोर्ड में शामिल होने के पीछे एक हिचक भी है। अमेरिका के इस बोर्ड में पाकिस्तान और तुर्की पहले ही शामिल हो चुके हैं। कश्मीर मसले पर इन दोनों देशों के साथ भारत का विवाद बना हुआ है। ऐसे में गाजा के मसले पर इनका शामिल होना भी अखरने वाली बात है। यही नहीं पाकिस्तान को इसका हिस्सा बनाए जाने से इजरायल भी सहज नहीं है।

Surya Prakash

लेखक के बारे में

Surya Prakash

दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।


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