
अमेरिका से ट्रेड डील के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप के इस प्लान को झटका देगा भारत, बैठक से इनकार
अमेरिका के इस बोर्ड में पाकिस्तान और तुर्की पहले ही शामिल हो चुके हैं। कश्मीर मसले पर इन दोनों देशों के साथ भारत का विवाद बना हुआ है। ऐसे में गाजा के मसले पर इनका शामिल होना भी अखरने वाली बात है। यही नहीं पाकिस्तान को इसका हिस्सा बनाए जाने से इजरायल भी सहज नहीं है।
अमेरिका के साथ भारत ने ट्रेड डील कर ली है। इसके साथ ही अब तक 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ कम होकर 18 पर्सेंट पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसका ऐलान किया था। इसके बाद से ही माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के संबंध सुधर गए हैं, लेकिन इसके बाद भी भारत ने डोनाल्ड ट्रंप को गाजा पीस प्लान पर करारा झटका देने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक भारत की ओर से 19 फरवरी को होने वाली इस मीटिंग से दूर रहने का ही फैसला लिया गया है। गाजा पीस बोर्ड की पहली बैठक 19 फरवरी को होने वाली है। ट्रंप की ओर से शुरू किए गए बोर्ड ऑफ पीस का यह पहला जुटान है, जिसमें कई देशों के पहुंचने की संभावना है।
इसके बाद भी भारत की ओर से इससे दूरी बनाए रखने का ही इरादा नजर आ रहा है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार अब भी भारत सरकार की ओर से ट्रंप के प्रस्ताव का अध्ययन ही किया जा रहा है। इस मामले में भारत सबसे पहले बैठक में पहुंचने वाले देशों में शुमार नहीं होना चाहता। भारत की यह कोशिश है कि पहले कुछ बड़े देश इसका हिस्सा बन जाएं, उसके बाद ही इस संबंध में कोई फैसला लिया जाए। हाल ही में अरब लीग के देशों के विदेश मंत्रियों के साथ भारत की मीटिंग थी। इसमें भी ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस को लेकर बात हुई थी। इस बोर्ड में कई अरब देश शामिल हैं, लेकिन उन्होंने अब तक इस मीटिंग में शामिल होने को लेकर फैसला नहीं लिया है।
इस दौरान भारत ने अरब लीग के देशों से उनके विचार जाने। इन देशों का कहना था कि वे भले ही बोर्ड के मेंबर बन गए हैं, लेकिन भविष्य की रणनीति के बारे में अभी विचार करना है। इस महीने के आखिर तक पीएम नरेंद्र मोदी खुद इजरायल जाने वाले हैं। ऐसे में यह मसला वहां भी एजेंडा बन सकता है। बता दें कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे विवाद को लेकर भारत की राय टू-नेशन सॉलूशन वाली रही है।
ट्रंप के बोर्ड में क्या है पाकिस्तान और तुर्की वाली परेशानी
दरअसल भारत की ओर से इस बोर्ड में शामिल होने के पीछे एक हिचक भी है। अमेरिका के इस बोर्ड में पाकिस्तान और तुर्की पहले ही शामिल हो चुके हैं। कश्मीर मसले पर इन दोनों देशों के साथ भारत का विवाद बना हुआ है। ऐसे में गाजा के मसले पर इनका शामिल होना भी अखरने वाली बात है। यही नहीं पाकिस्तान को इसका हिस्सा बनाए जाने से इजरायल भी सहज नहीं है।

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