भारत को मिलेगा बांग्लादेश जैसा जीरो टैरिफ फायदा, पर US की एक शर्त करनी होगी पूरी

Feb 13, 2026 11:45 am ISTNisarg Dixit भाषा
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पीयूष गोयल ने कहा कि यह बात अमेरिका-बांग्लादेश समझौते में लिखी है और 'हमारे समझौते में भी होगी।' उन्होंने यह भी कहा कि इसका भारतीय कपास किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंत्री ने बताया कि अमेरिका में कपास का उत्पादन सीमित है।

भारत को मिलेगा बांग्लादेश जैसा जीरो टैरिफ फायदा, पर US की एक शर्त करनी होगी पूरी

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत को अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी धागा और कपास से बने परिधान पर वही रियायती शुल्क का लाभ मिलेगा, जो बांग्लादेश को मिल रहा है। अमेरिका, बांग्लादेश की वस्तुओं पर जवाबी शुल्क घटाकर 19 प्रतिशत कर देगा, लेकिन वस्त्रों पर शून्य शुल्क तभी लगेगा जब वे अमेरिकी कपास और कृत्रिम रेशों से बने हों।

वर्तमान में बांग्लादेशी परिधानों पर 31 प्रतिशत शुल्क लगता है (12 प्रतिशत सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र शुल्क और 19 प्रतिशत जवाबी शुल्क) और यदि उनमें अमेरिकी रेशों का उपयोग किया जाता है, तो शुल्क घटकर 12 प्रतिशत हो जाता है।

भारत को भी मिलेगा लाभ

गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'बांग्लादेश को जो मिला है, वही भारत को भी अंतिम समझौते में मिलने वाला है।' उन्होंने बताया कि अगर कोई भारतीय कंपनी अमेरिका से धागा और कपास खरीदकर परिधान बनाती है और उन्हें अमेरिका को निर्यात करती है, तो उन परिधानों को भी बांग्लादेशी कंपनियों की तरह अमेरिका में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा।

बांग्लादेश वाला लाभ

गोयल ने कहा कि यह बात अमेरिका-बांग्लादेश समझौते में लिखी है और 'हमारे समझौते में भी होगी।' उन्होंने यह भी कहा कि इसका भारतीय कपास किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंत्री ने बताया कि अमेरिका में कपास का उत्पादन सीमित है। उसका निर्यात केवल 50 लाख अमेरिकी डॉलर है, जबकि भारत का लक्ष्य 50 अरब अमेरिकी डॉलर है।

भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक रूपरेखा तैयार कर ली है। इसे मार्च में लागू किए जाने की संभावना है।

विपक्ष ने लगाए थे आरोप

ये टिप्पणियां महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता 'पूरी तरह से आत्मसमर्पण' है, जिसमें भारत की ऊर्जा सुरक्षा अमेरिका को सौंप दी गई है और किसानों के हितों से समझौता किया गया है।

इस बीच, यहां आयोजित एक 'मेडटेक, इनोवेशन और स्टार्टअप' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत के अन्य देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों से घरेलू चिकित्सा उपकरण उद्योग को रियायती शुल्कों पर व्यापक बाजार पहुंच प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि कुछ मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) में भारतीय चिकित्सा उपकरणों को शुल्क में छूट भी मिलेगी।

मंत्री ने कहा, 'हम नौ एफटीए के माध्यम से विकसित बाजारों के लिए द्वार खोल रहे हैं, जिनमें 38 ऐसे देश शामिल हैं जहां की आबादी समृद्ध है और प्रति व्यक्ति आय अधिक है।' गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) देश में चिकित्सा उपकरण इकाइयों के लिए 50 से 100 एकड़ भूमि आरक्षित करने पर विचार कर सकता है।

Nisarg Dixit

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Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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