ट्रेड डील पर बन गई बात, अब भारत पर कब से लगेगा सिर्फ 18 फीसदी टैरिफ? US जाएगा भारतीय दल
कॉमर्स सेक्रेटरी ने कहा है कि दोनों देश अभी इस मुद्दे पर चर्चा कर रही हैं और अगले हफ्ते चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन लीगल बिंदुओं को फाइनल करने के लिए एक डेलीगेशन के साथ अमेरिका जाएंगे।

India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। इसके तहत अमेरिका भारत पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैक्स को कम करने जा रहा है। हाल ही में भारतीय अधिकारियों ने बताया है कि यह समझौता कब से लागू होने की संभावनाएं हैं। भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने सोमवार को बताया है कि इस डील को कराने में अहम भूमिका निभाने वाले भारत के मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन अगले हफ्ते अमेरिका जाएंगे। उनके इस दौरे पर समझौते की शर्तों पर कानूनी मुहर लगानी की उम्मीद है।
वाणिज्य सचिव ने इस दौरान यह भी बताया कि अमेरिका संभवतः इसी हफ्ते की शुरुआत में, इंडियन मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट पर 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर देगा। उन्होंने एक बयान में कहा, “संयुक्त बयान उस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट से जुड़ा है जो भारत और अमेरिका के बीच हुआ था। यह संयुक्त बयान डील की रूपरेखा बताता है। अब डील की रूपरेखा को एक लीगल एग्रीमेंट में बदलना है, जिस पर दोनों पक्ष हस्ताक्षर करेंगे। दोनों पक्ष इस लीगल एग्रीमेंट को फाइनल करने में लगे हुए हैं।”
व्यापार सचिव ने आगे कहा, ‘अगले हफ्ते चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन लीगल टेक्स्ट को फाइनल करने के लिए एक डेलीगेशन के साथ US ले जाएंगे।” उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य यह है कि हम मार्च तक लीगल एग्रीमेंट को फाइनल कर सक उसे लागू कर सकें। हालांकि उन्होंने एग्रीमेंट साइन करने के लिए कोई खास डेडलाइन देने से मना कर दिया।
सचिव राजेश अग्रवाल ने इस दौरान साफ किया कि बीते 27 अगस्त से भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ को खत्म कर दिया गया है। वहीं अन्य 25 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18% करने के कदम पर उन्होंने कहा, “मुझे बताया गया है कि वे इसे प्रोसेस कर रहे हैं। यह जल्दी हो जाना चाहिए। हमारी उम्मीद है कि यह इसी हफ्ते हो जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो टीम अगले हफ्ते वहां होगी और हम देखेंगे कि इसमें समय क्यों लग रहा है।”
भारत-US ट्रेड डील
इससे पहले अमेरिका और भारत ने घोषणा की है कि वे व्यापार पर एक अंतरिम समझौते की रूपरेखा पर पहुंच गए हैं। इसके तहत अमेरिका भारत पर लगाए गए टैरिफ को कम कर देगा। वहीं भारत ने कहा है कि कुछ अमेरिकी उत्पादों की एक श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगी या घटाएगा। दोनों देशों ने हाल ही में जाती एक संयुक्त बयान में कहा कि वे ''पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार'' के संबंध में एक रूपरेखा पर सहमत हो गए हैं। संयुक्त बयान के मुताबिक, भारत ने ''अगले पांच साल में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान कलपुर्जे, कीमती धातु, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा जताया है।'' इसमें कहा गया कि यह रूपरेखा व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौता (बीटीए) वार्ताओं के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करती है।

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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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