भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट, अमेरिकी टीम आएगी दिल्ली; इन मुद्दों पर चर्चा संभव
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अंतरिम व्यापार समझौते के बिंदुओं को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में प्रगति के लिए अप्रैल में वॉशिंगटन डीसी में भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच आमने-सामने बैठक हो चुकी है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल अगले महीने भारत आ सकता है। गोयल ने बताया कि अंतरिम व्यापार समझौते के बिंदुओं को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की दिशा में प्रगति के लिए अप्रैल में वॉशिंगटन डीसी में भारतीय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच आमने-सामने बैठक हो चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीटीए वार्ता के लिए अमेरिका के मुख्य वार्ताकार विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस बार उनके साथ नहीं आएंगे, लेकिन रुबियो अगले महीने भारत आने की योजना बना रहे हैं। रुबियो 23 मई से चार दिवसीय भारत यात्रा पर आ रहे हैं। यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी, जिसमें व्यापार, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
भारत और अमेरिका ने 7 फरवरी को संयुक्त बयान जारी कर अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा तय की थी। हालांकि, अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले ने जवाबी शुल्कों की व्यवस्था को निरस्त कर दिया, जिसे अमेरिका साझेदार देशों के साथ व्यापार समझौतों के लिए इस्तेमाल कर रहा था। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत सभी आयातों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा दिया। साथ ही, धारा 301 के तहत प्रमुख निर्यातक देशों की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और श्रम मानकों को लेकर दो जांच शुरू की गई हैं। धारा 122 के तहत अधिकतम 15 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जा सकता है, जबकि धारा 301 की जांच में यदि अमेरिकी हितों को नुकसान साबित होता है तो शुल्क पर कोई ऊपरी सीमा नहीं है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि कई बड़ी अमेरिकी कंपनियां भारत में बड़े पैमाने पर निवेश की घोषणा कर रही हैं, क्योंकि भारत दुनिया के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में अमेरिकी उद्योग जगत से मिली निवेश प्रतिबद्धताओं का आंकड़ा 60 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है। अमेजन और गूगल के डेटा सेंटर निवेश इसके उदाहरण हैं। इस दौरान मंत्री ने जोर दिया कि अमेरिका और भारत स्वाभाविक साझेदार हैं और दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी, नवाचार, उच्च-सटीक रक्षा उपकरण, डिजिटल डेटा केंद्र, क्वांटम कंप्यूटिंग और चिकित्सा उपकरणों जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों को मिलकर काम करना चाहिए। गोयल ने आगे कहा कि 1.4 अरब आकांक्षी भारतीयों, बढ़ते मध्यम वर्ग, बढ़ती आय और विस्तारती अर्थव्यवस्था के जरिए हम अमेरिकी नवाचार को नया आयाम दे सकते हैं।
उन्होंने वैश्विक संकटों ( यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया की अस्थिरता ) का जिक्र करते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति भारत और अमेरिका के लिए विश्वसनीय और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करने का सुनहरा अवसर है। परीक्षण सुविधाओं के संदर्भ में गोयल ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो, निर्यात निरीक्षण परिषद और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसियां उद्योगों को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अमेरिकी कंपनियों से अपील की कि भारत में कार्यरत अमेरिकी फर्में वस्तुओं की स्वीकृति के सात दिनों के अंदर एमएसएमई को भुगतान सुनिश्चित करें। इससे छोटे उद्यमों का नकदी प्रवाह सुधरेगा, वे व्यवसाय विस्तार पर ध्यान दे सकेंगे और समय से पहले भुगतान के बदले छूट देकर अपने उत्पादों को अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकेंगे।
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लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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