
भारत-अफगानिस्तान के रिश्तों की नई शुरुआत, काबुल में तकनीकी मिशन दूतावास में अपग्रेड
संक्षेप: भारत ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की हालिया भारत यात्रा के बाद अहम कदम उठाते हुए, भारत ने मंगलवार को काबुल स्थित तकनीकी मिशन का दर्जा तत्काल प्रभाव से दूतावास के स्तर पर बहाल कर दिया है।
भारत और अफगानिस्तान के रिश्तों की नई शुरुआत हो चुकी है। हाल ही में अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के भारत दौरे के बाद अब भारत ने मंगलवार को काबुल स्थित तकनीकी मिशन का दर्जा तत्काल प्रभाव से दूतावास के स्तर पर अपग्रेड कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि यह फैसला आपसी हितों के सभी क्षेत्रों में अफगान पक्ष के साथ द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने के भारत के संकल्प को दर्शाता है।

काबुल स्थित भारत के तकनीकी मिशन को दूतावास में अपग्रेड करने के निर्णय की घोषणा हाल ही में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्ताकी के साथ हुई मुलाकात के बाद की गई है। अफगान विदेश मंत्री 9 से 16 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर थे। उनके दौरे के दौरान ही दोनों देशों के बीच इस कदम पर सहमति बनी थी।
मंगलवार को विदेश मंत्रालय द्वारा विज्ञप्ति में कहा गया है कि काबुल स्थित भारतीय दूतावास अफगानिस्तान के व्यापक विकास में भारत के योगदान को और बढ़ाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है, "अफगानिस्तान के विदेश मंत्री की हालिया भारत यात्रा के दौरान हुई बातचीत के अनुरूप, सरकार काबुल स्थित भारतीय तकनीकी मिशन का दर्जा तत्काल प्रभाव से अफगानिस्तान स्थित भारतीय दूतावास के स्तर पर बहाल कर रही है। यह निर्णय पारस्परिक हित के सभी क्षेत्रों में अफगान पक्ष के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के भारत के संकल्प को रेखांकित करता है।"
इसमें आगे कहा गया है, "अफगान समाज की प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए, काबुल स्थित भारतीय दूतावास अफगानिस्तान के व्यापक विकास, मानवीय सहायता और निर्माण पहलों में भारत के योगदान को और बढ़ाएगा।"
इससे पहले मुत्ताकी के साथ बैठक के दौरान अपने संबोधन में, जयशंकर ने कहा था कि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा था, “हमारे बीच घनिष्ठ सहयोग काबुल के विकास के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देता है। इसे और मजबूत करने के लिए, काबुल स्थित भारत के तकनीकी मिशन को भारतीय दूतावास के स्तर पर उन्नत करने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।”
जयशंकर और मुत्ताकी के बीच वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि दोनों पक्षों ने आपसी हितों के व्यापक मुद्दों के साथ-साथ महत्वपूर्ण क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर जोर दिया। वहीं मुत्ताकी ने यह प्रतिबद्धता भी दोहराई कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार देश की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद के खिलाफ नहीं होने देगी।





