अपने 3 नागरिकों की मौत पर भड़का भारत, अमेरिकी दूत को फिर किया तलब; 40 मिनट तक चला विरोध
जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में 3 भारतीय नाविकों की दुखद मौत के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाया है। नई दिल्ली में अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स को तलब कर 40 मिनट तक कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
ओमान तट के पास एक कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। नागरिकों की जान जाने की इस गंभीर घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) ने अमेरिकी उप-राजदूत जेसन मीक्स को दोबारा तलब कर सख्त विरोध दर्ज कराया है। पिछले कुछ ही दिनों में यह दूसरी बार है जब भारत ने किसी अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है।
30 मिनट तक चला कड़ा कूटनीतिक विरोध
विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू ने जेसन मीक्स को तलब किया। यह बैठक लगभग 40 मिनट तक चली, जिसमें भारत ने कॉमर्शियल जहाज पर हुए हमले और उसमें तीन भारतीयों के मारे जाने पर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। चूंकि भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर फिलहाल दिल्ली से बाहर हैं, इसलिए उनकी जगह जेसन मीक्स को यह कूटनीतिक विरोध सौंपने के लिए बुलाया गया।
अमेरिका ने जहाजों पर हमला किया; टाइमलाइन
- 8 जून: अमेरिकी हमले में जहाज 'मैरीवेक्स' निशाना बना; 24 भारतीय क्रू सदस्यों को बचाया गया
- 9 जून: 'एमटी सेटेबेलो' पर हमला; 3 भारतीयों की मौत, 21 को बचाया गया
- 10 जून: अमेरिकी CdA मीक्स को तलब किया गया
- 11 जून: 'एमटी जलवीर' पर हमला; 20 भारतीय क्रू सदस्यों को बचाया गया
- 12 जून: अमेरिकी CdA मीक्स को तलब किया गया
निशाना बने तीन प्रमुख जहाज और भारतीयों की मौत
हालिया विवाद मुख्य रूप से तीन कॉमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों से जुड़ा है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय चालक दल मौजूद था।
'Settebello' पर हमला और मौतें: बुधवार को ओमान के सोहर बंदरगाह के पास इस पलाऊ-झंडे वाले टैंकर को निशाना बनाया गया। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेना द्वारा दागी गई मिसाइल के कारण जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। जहाज पर 24 भारतीय सवार थे। इस भयावह हमले में 3 भारतीय नाविकों की जान चली गई, जबकि 21 को बचा लिया गया।
'MT Marivex' पर हमला: इससे पहले सोमवार को एक अन्य टैंकर, 'MT Marivex' पर भी अमेरिकी नौसेना द्वारा हमला किया गया था। उस जहाज पर भी 24 भारतीय नाविक मौजूद थे, जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया था।
एमटी जलवीर पर हमला: ताजा मामला इस गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले जहाज एमटी जलवीर से जुड़ा है। अमेरिकी मध्य कमान ने एक बयान में कहा कि उसने एमटी जलवीर को ईरान के खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध का कथित तौर पर उल्लंघन करके ईरानी तेल परिवहन करने के प्रयास के आरोप में निष्क्रिय कर दिया। कमान ने कहा कि चालक दल द्वारा 'अमेरिकी सेना के निर्देशों का बार-बार पालन न करने' के बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज के इंजन कक्ष पर हमला किया।
ओमान बंदरगाह के पास इस टैंकर पर हमले के बाद उसमें सवार 22 भारतीयों को बृहस्पतिवार को सुरक्षित निकाल लिया गया था। पिछले चार दिनों में ओमान तट के निकट अमेरिकी सेना द्वारा भारतीय चालक दल वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले की यह तीसरी घटना है।
भारत का सख्त रुख
भारतीय नागरिकों की जान जाने से यह कूटनीतिक विवाद अब एक बेहद गंभीर मोड़ ले चुका है। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक शिपिंग और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाएं बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही को सुनिश्चित करने की मांग की है।
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