भारत का बड़ा नुकसान, दुर्घटनाग्रस्त हो गया एक और तेजस विमान; अब तक 3 खराब
तेजस जेट से जुड़ी यह तीसरी दुर्घटना थी। पहली दुर्घटना मार्च 2024 में हुई थी, जब जैसलमेर के पास एक तेजस जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दूसरी घटना नवंबर 2025 में हुई, जब दुबई एयरशो में हवाई प्रदर्शन के दौरान एक तेजस जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
भारतीय वायु सेना (IAF) का एक तेजस लड़ाकू विमान इस महीने की शुरुआत में संदिग्ध ब्रेक फेल होने के बाद अग्रिम मोर्चे के एक एयरबेस पर रनवे से आगे निकल गया। जिससे उसके ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। आधिकारिक सूत्रों से रविवार को यह जानकारी प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि विमान का पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकल आया।
पता चला है कि विमान प्रशिक्षण उड़ान भरने के बाद बेस पर लौट रहा था। सात फरवरी को हुई इस दुर्घटना पर भारतीय वायुसेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार, इस घटना के बाद भारतीय वायुसेना ने व्यापक तकनीकी जांच करने के लिए लगभग 30 'सिंगल-सीट' तेजस जेट विमानों के पूरे बेड़े को फिलहाल उड़ान भरने से रोक दिया।
तेजस जेट से जुड़ी यह तीसरी दुर्घटना थी। पहली दुर्घटना मार्च 2024 में हुई थी, जब जैसलमेर के पास एक तेजस जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दूसरी घटना नवंबर 2025 में हुई, जब दुबई एयरशो में हवाई प्रदर्शन के दौरान एक तेजस जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
भारतीय वायु सेना नई पीढ़ी के और अधिक विमान शामिल करने की इच्छुक: उपप्रमुख
सेना के उप प्रमुख एयर मार्शल नागेश कपूर ने 11 फरवरी को कहा कि भारतीय वायु सेना अपने बेड़े में नई पीढ़ी के "और भी अधिक" विमानों को शामिल करने की इच्छुक है। कपूर वायु शक्ति अभ्यास से पहले एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। राफेल के बारे में उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल निश्चित रूप से अन्य नायकों के साथ-साथ एक नायक था। जी हां, राफेल इन दिनों एक चर्चित शब्द बन चुका है; यह निश्चित रूप से चर्चा के केंद्र में है।'
वायुसेना के उपप्रमुख ने कहा, 'वायुसेना और भी कई एमआरएफए (बहु-भूमिका लड़ाकू विमान) को शामिल करने का इच्छुक है, चाहे वह राफेल हो या कोई अन्य विमान, इस पर फिलहाल विचार चल रहा है। और इस संबंध में अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।'
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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