जो अपने ही लोगों पर बम बरसाता है, वो हमें ज्ञान न दे; भारत ने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान को कर दिया खबरदार
भारत ने दोटूक शब्दों में कहा कि जिस देश का खुद का इतिहास नरसंहार के काले कारनामों से भरा हुआ है, उसका भारत के आंतरिक मामलों पर बोलना एक घटिया मजाक है।

भारत ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को एक बार फिर तगड़ी लताड़ लगाई है। भारत के खिलाफ जहर उगलने की नापाक कोशिश कर रहे पाकिस्तान को इस बार भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारतीय अधिकारी से करारा जवाब मिला। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने एक बहस के दौरान पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर उसे खुद की गिरेबान में झांकने की सलाह भी दी। भारत ने दोटूक शब्दों में कहा कि जिस देश का खुद का इतिहास नरसंहार के काले कारनामों से सना हुआ है, उसका भारत के आंतरिक मामलों पर बोलना एक भद्दा मजाक है।
हरीश पर्वतनेनी ने पाकिस्तान के हालिया क्रूर कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए इसी साल अफगानिस्तान पर किए गए हवाई हमलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “दुनिया भूली नहीं है कि इसी साल मार्च में पवित्र रमजान के महीने में, जब शांति और रहम का समय होता है, पाकिस्तान ने काबुल के 'ओमिद नशामुक्ति उपचार अस्पताल' पर बर्बर हवाई हमला किया था। संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNAMA) के मुताबिक, इस हमले में 269 मासूम नागरिकों की जान गई और 122 लोग घायल हुए। यह हमला तब किया गया जब लोग नमाज के बाद मस्जिद से बाहर निकल रहे थे। पाकिस्तान अंधेरे में मासूम नागरिकों को निशाना बनाता है और अंतरराष्ट्रीय कानून का पाखंड करता है।”
याद दिलाई 1971 की बर्बरता
भारत ने पाकिस्तान की सेना द्वारा अपने ही नागरिकों पर ढाए गए जुल्मों का इतिहास भी याद दिलाया। भारतीय राजदूत ने कहा, "यह वही पाकिस्तान है जिसने 1971 में 'ऑपरेशन सर्चलाइट' के दौरान अपनी ही सेना से लाख महिलाओं का रेप कराया।” भारत ने आगे कहा कि जो देश अपने ही लोगों पर बम बरसाता आया हो और जिसने लाखों लोगों का कत्लेआम किया हो, उसके मुंह से मानवाधिकारों की बात शोभा नहीं देती। वहीं आंकड़ों का हवाला देते हुए भारत ने बताया कि पाकिस्तानी हमलों की वजह से अब तक 94,000 से अधिक अफगान नागरिक विस्थापित हो चुके हैं।
भारत ने UNSC में यह भी बताया कि पाकिस्तान पिछले कई दशकों से अपनी आंतरिक नाकामियों से देश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए अपनी सीमाओं के अंदर और बाहर आतंक और हिंसा का सहारा लेता आया है। राजदूत पर्वतनेनी ने अंत में कहा, "जिस देश के पास न कोई विश्वास है, न कोई कानून है और न ही कोई नैतिकता, उसकी खोखली बयानबाजी और प्रोपेगैंडा को अब पूरी दुनिया अच्छी तरह समझ चुकी है।"
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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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