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पड़ोसी मुल्क के 3 कैदियों को भारत ने किया रिहा, क्या बोला 30 साल सजा काटने वाला पाकिस्तानी?

पड़ोसी मुल्क के 3 कैदियों को भारत ने किया रिहा, क्या बोला 30 साल सजा काटने वाला पाकिस्तानी?

संक्षेप:

जानकारी के मुताबिक इन सभी कैदियों ने अपनी कानूनी सजा पूरी कर ली है। भारत ने उनके कस्टम, इमिग्रेशन और डॉक्यूमेंट्स क्लियर होने के बाद उन्हें पाकिस्तान रेंजर्स को सौंप दिया।

Nov 28, 2025 09:34 pm ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान, चण्डीगढ़
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भारत सरकार ने शुक्रवार को तीन पाकिस्तानी कैदियों को रिहा कर दिया है। तीनों कैदी अलग अलग मामलों में भारत की अलग अलग जेलों में सजा काट रहे थे और सजा पूरी होने के बाद शुक्रवार को इन्हें वापस पाकिस्तान भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक तीनों कैदी अटारी बाघा बॉर्डर से होते हुए अपने मुल्क भेजे गए हैं। कैदियों की पहचान मोहम्मद इकबाल, मोहम्मद रमजान और असगर अली के रूप में हुई है।

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मामले की जानकारी देते हुए प्रोटोकॉल ऑफिसर अरुण माहल ने बताया है कि भारत सरकार ने इससे पहले इन तीन पाकिस्तानी कैदियों को रिहा करने का फैसला किया था। इसके साथ इनमें से दो को राजस्थान की एक जेल से, वहीं एक अन्य को दिल्ली से बॉर्डर तक लाया गया। अधिकारी ने बताया कि इन सभी कैदियों ने अपनी कानूनी सजा पूरी कर ली है और उनके कस्टम, इमिग्रेशन और डॉक्यूमेंट्स क्लियर होने के बाद उन्हें पाकिस्तान रेंजर्स को सौंप दिया गया।

लालच में फंस कर बर्बाद हुए 30 साल

रिहा होने वालों में पाकिस्तान के पंजाब का रहने वाला मोहम्मद इकबाल लगभग 30 साल से भारतीय जेलों में बंद था। इकबाल को 18 साल की उम्र में गुरदासपुर में 10 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया था और कोर्ट ने उसे 30 साल की सजा सुनाई थी। मीडिया से बात करते हुए इकबाल ने कहा कि उसकी जिंदगी के कीमती 30 साल जेल में बीते। इकबाल ने कहा, “मैं लालच में फंस गया था, जिसकी वजह से पूरी जिंदगी बर्बाद हो गई।”

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दोनों देशों की सरकार से अपील

उसने कहा कि वह गलत रास्ते पर जा रहे युवाओं को सलाह देना चाहता है कि लालच में कभी गलत काम न करें। इकबाल ने भारत सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, “आज का दिन मेरे लिए ईद जैसा है। 30 साल बाद अपने घर, अपने देश लौटने की खुशी को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।” इकबाल ने आगे दोनों देशों की सरकारों से अपील की है कि जिन कैदियों की सजा पूरी हो गई है, उन्हें इंसानियत के आधार पर रिहा किया कर दिया जाए।

रिपोर्ट: मोनी देवी

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari
जागृति ने 2024 में हिंदुस्तान टाइम्स डिजिटल सर्विसेज के साथ अपने करियर की शुरुआत की है। संत जेवियर कॉलेज रांची से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन करने बाद, 2023-24 में उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा हासिल किया। खबरें लिखने के साथ साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और अर्थव्यवस्था की खबरों को पढ़ना पसंद है। मूल रूप से रांची, झारखंड की जागृति को खाली समय में सिनेमा देखना और सिनेमा के बारे में पढ़ना पसंद है। और पढ़ें
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