अपनी काली करतूत छिपाने के लिए… भारत ने पाकिस्तान को फिर लगाई फटकार, इस बार क्यों धोया?
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में भारतीय राजदूत हरीश पर्वथानेनी ने भी पाकिस्तान को उसकी हरकत के लिए तगड़ी लताड़ लगाई थी। भारत ने साफ कहा है कि पाकिस्तान को दूसरों पर उंगली उठाने से पहले खुद का घर संभालना चाहिए।

हाल ही में फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित ASEAN की बैठक में पाकिस्तान एक बार फिर कश्मीर और सिंधु जल समझौते के मुद्दे पर रोया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उपप्रधानमंत्री इशाक डार इस बैठक में अनर्गल बयानबाजी करते नजर आए। इस पर अब भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह लताड़ लगाई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इशाक डार के बयानों को पूरी तरह बेबुनियाद, मनगढ़ंत और गैर-जिम्मेदाराना करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों का दुरुपयोग कर झूठ बेचना पाकिस्तान का पुराना रवैया बन चुका है।
रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के दोगलेपन पर करारा प्रहार करते हुए कहा, "यह कोई नई बात नहीं है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर किसी अंतरराष्ट्रीय मंच का बेशर्मी से इस्तेमाल सिर्फ झूठ फैलाने, दुष्प्रचार बेचने और सीमा पार आतंकवाद के अपने लंबे रिकॉर्ड से ध्यान भटकाने के लिए किया है।" भारतीय प्रवक्ता ने कश्मीर के मामले पर भी पाकिस्तान को साफ कह दिया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे। पाकिस्तान को हमारे आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं है।"
'अपने घर के हालात सुधारो…'
वहीं पाकिस्तान द्वारा धार्मिक शब्दावली का इस्तेमाल कर फैलाए जा रहे झूठ और फितना अल हिंदुस्तान जैसे जुमलों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पाकिस्तान का अपने देश के अंदरूनी संकटों और दुनिया भर के आतंकी नेटवर्क को शह देने जैसी काली करतूतों को छिपाने की एक नाकाम और बचकाना कोशिश है। भारतीय प्रवक्ता ने कहा, “पड़ोसियों पर उंगली उठाने और अंतरराष्ट्रीय मंचों को गंदा करने के बजाय पाकिस्तान को अपनी सरजमीं पर चल रहे आतंकवाद के ढांचे को तबाह करना चाहिए और अपने घर के हालात सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।”
सिंधु जल संधि पर भी धोया
इशाक डार आसियान की बैठक में द्वारा सिंधु जल संधि पर भी रोए थे। इस पर भारत ने पाक को करारा जवाब दिया। भारत ने साफ किया कि 1960 की इस संधि को स्थगित करने का फैसला पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के सीधे जवाब में लिया गया है। भारत ने कहा कि जब तक पाकिस्तान विश्वसनीय तरीके से सीमा पार आतंकवाद को शह देना बंद नहीं करता, तब तक यह संधि पूरी तरह निलंबित ही रहेगी। बता दें कि बीते साल जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस समझौते को निलंबित कर दिया था।
जयशंकर का 'जीरो टॉलरेंस' वाला अल्टीमेटम
इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को सीधी भाषा में समझा दिया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख जीरो टॉलरेंस का है। जयशंकर ने एक बयान में कहा, “आतंकवाद फैलाने के गंभीर और कठोर परिणाम भुगतने ही पड़ेंगे, इसमें किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए।"


