
ड्रग तस्करी के खिलाफ BSF का हल्लाबोल, पंजाब में हर दूसरे दिन एक तस्कर की गिरफ्तारी
2024 में बीएसएफ ने 161 तस्करों को गिरफ्तार किया। इस साल 30 सितंबर तक 186 और तस्कर पकड़े गए हैं। इनमें 16 पाकिस्तानी घुसपैठिए, चार नेपाली और तीन बांग्लादेशी शामिल हैं। इस दौरान 3 पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया गया।
पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने जनवरी 2024 से अब तक लगभग 350 तस्करों को पकड़ा है, यानी औसतन हर दूसरे दिन एक तस्कर गिरफ्तार किया गया। बीएसएफ की टीम 553 किलोमीटर लंबी सीमा पर नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी को नाकाम करने में जुटी है। इस प्रयास में ज्यादातर गिरफ्तारियां अमृतसर, तरन तारन और फिरोजपुर जिलों में हुईं, जो ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी के लिए जोखिम वाले क्षेत्र माने जाते हैं।

केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2021 में बीएसएफ के ऑपरेशनल जोन को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया था, जिससे बड़े इलाके में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी का अधिकार मिला। हालांकि, बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश गिरफ्तारियां मूल 15 किलोमीटर के दायरे में ही हुईं। BSF के प्रवक्ता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल एके विद्यार्थी ने बताया, 'पाकिस्तानी तस्कर ड्रोन और जीपीएस-आधारित डिलीवरी का उपयोग कर पकड़े जाने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारी सतर्कता से तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिल रही है।'
नाबालिगों की कूरियर के रूप में भर्ती
साल 2024 में बीएसएफ ने 161 तस्करों को गिरफ्तार किया। इस साल 30 सितंबर तक 186 और तस्कर पकड़े गए हैं। इनमें 16 पाकिस्तानी घुसपैठिए, चार नेपाली और तीन बांग्लादेशी शामिल हैं। इस दौरान 3 पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया गया। सीनियर BSF अधिकारी ने बताया, 'पाकिस्तानी तस्कर भारतीय तस्करों को नाबालिगों को कूरियर के रूप में भर्ती करने के लिए कह रहे हैं, ताकि कानूनी छूट का फायदा उठाया जा सके। वे ऐसे नए चेहरों को चुनते हैं जिनका कोई पिछला तस्करी रिकॉर्ड न हो। तस्करी की इस बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए बीएसएफ ने जमीनी और हवाई निगरानी को तेज कर दिया है। रात में देखने वाले उपकरण, मोशन सेंसर और ड्रोन-रोधी सिस्टम तैनात किए गए हैं।'





