काम कर गया अमेरिकी दबाव? रूस से भारत के आयात में आई बंपर कमी, कच्चे तेल पर कितना असर

Feb 18, 2026 09:28 am ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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कच्चे तेल के अलावा भारत रूस से कोयला, कोक, कुछ पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, लोहा, अखबारी कागज, परियोजना का सामान, दालें, मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर आयात करता है। मर्चेंडाइज इंपोर्ट में भारी कमी देखी गई है।

काम कर गया अमेरिकी दबाव? रूस से भारत के आयात में आई बंपर कमी, कच्चे तेल पर कितना असर

रूस से कच्चे तेल की खरीद का हवाला देकर भारत पर मोटा तैरीफ लगाने का फैसला अमेरिका के हक में जाता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद से रूस से भारत के निर्यात में भारी कमी आई है। अब सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में रूस से भारत का मर्चेंडाइज इंपोर्ट यानी उत्पादों का आयात 40.48 फीसदी तक घट गया है।

आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2025 में रूस से भारत का आयात लगभग 4.81 बिलियन डॉलर था। अब यह घटकर 2.86 बिलियन डॉलर रह गया है। जानकारी के मुताबिक यह कमी ज्यादातर भारतीय रिफाइनरियों द्वारा रूस से क्रूड ऑयल की खरीद में भारी कटौती करने की वजह से हुई है। हालांकि सरकार ने सोमवार को सिर्फ जनवरी 2026 के लिए ट्रेड डेटा जारी किया है।

बता दें कि आमतौर पर रूस से भारत के कुल मर्चेंडाइज इंपोर्ट में पेट्रोलियम क्रूड ऑयल यानी कच्चे तेल का हिस्सा लगभग 80 फीसदी होता है। कच्चे तेल के अलावा, भारत रूस से कोयला, कोक, कुछ पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, लोहा, अखबारी कागज, परियोजना का सामान, दालें, मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर आयात करता है।

टैरिफ लगाकर अमेरिका ने बनाया दबाव

अप्रैल 2025 में भारत ने रूस से करीब 4.73 बिलियन डॉलर के तेल का आयात किया। यह वह महीना था जब ट्रंप ने अपने लिबरेशन डे टैरिफ की घोषणा की थी। इसके बाद से अमेरिका ने भारत को लगातार निशाना बनाते हुए पहले 25 फीसदी और बाद में रूस से तेल खरीदने के लिए जुर्माने के तौर पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया। इस तरह अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ वसूलने लगा। इसके बाद से रूसी तेल की खरीद में कमी देखी गई। हालांकि बीते दिनों अंतरिम समझौते पर सहमति बनने के बाद अमेरिका ने भारत पर लगाए गए टैरिफ को कम कर दिया है।

रूसी तेल के आयात में कमी

सितंबर में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात घटकर 3.32 बिलियन डॉलर हो गया। यह अप्रैल महीने से लगभग 30 फीसदी कम था। 9 जनवरी की एक न्यूज रिपोर्ट पर रिएक्शन देते हुए, भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट रिफाइनर रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि कंपनी को जनवरी में किसी भी रशियन क्रूड ऑयल की डिलीवरी की उम्मीद नहीं है।

मामले से परिचित एक अधिकारी ने बताया, “आने वाले महीनों में रूस से मर्चेंडाइज इंपोर्ट में और गिरावट आने की उम्मीद है। भारतीय रिफाइनर रशियन ऑयल के मुकाबले सस्ता वेनेज़ुएला क्रूड ऑयल खरीदने लगेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि इंडियन रिफाइनर वेनेज़ुएला के क्रूड ऑयल खरीदने के US ऑफर पर विचार कर रहे हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 जनवरी को कहा था कि भारत अब वेनेज़ुएला का तेल ही खरीदेगा।

Jagriti Kumari

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Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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