
अमेरिका से टैरिफ टेंशन के बीच गुड न्यूज, 53 दिन बाद US के लिए ये सेवाएं बहाल; जानें
संक्षेप: Postal Services To US: 15 अक्टूबर 2025 से अमेरिका के लिए सभी श्रेणियों की अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं फिर से शुरू हो रही हैं। अमेरिकी प्रशासन के कार्यकारी आदेश 14324 के जारी होने के बाद 22 अगस्त को इन सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था।
अमेरिका से टैरिफ टेंशन के बीच अच्छी खबर सामने आई है। भारतीय डाक विभाग ने मंगलवार को बड़ी घोषणा की है। वह 15 अक्टूबर से अमेरिका के लिए सभी प्रकार की अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाओं को फिर से शुरू करने जा रहा है। आधिकारिक बयान में विभाग ने बताया कि अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) के दिशानिर्देशों के अनुसार, भारत से अमेरिका भेजी जाने वाली डाक सामग्री पर शुल्क की दर घोषित मूल्य का 50 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो नए शुल्क प्रावधानों के तहत प्रभावी होगी।

विभाग ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 15 अक्टूबर 2025 से अमेरिका के लिए सभी श्रेणियों की अंतरराष्ट्रीय डाक सेवाएं फिर से शुरू हो रही हैं। बयान के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन के कार्यकारी आदेश 14324 के जारी होने के बाद 22 अगस्त को इन सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया था।
विभाग ने स्पष्ट किया कि यह निलंबन अमेरिकी सरकार के नए नियामक नियमों के कारण अनिवार्य था, जिसमें आयात शुल्क के संग्रह और भुगतान की प्रक्रिया शामिल है। डाक विभाग ने जोर दिया कि डाक उत्पादों पर कोई अतिरिक्त आधारभूत या उत्पाद-विशेष शुल्क नहीं लगाया गया है, जो इन्हें कूरियर या व्यावसायिक मालभेजी से अलग बनाता है।
बयान में कहा गया है कि यह अनुकूल शुल्क व्यवस्था कुल व्यय को काफी हद तक घटाती है और डाक माध्यम से माल भेजना एमएसएमई, कारीगरों, छोटे व्यापारियों तथा ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए सस्ता व प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स विकल्प प्रदान करती है। साथ ही, विभाग ने कहा कि वस्तुओं या माल के वितरण के लिए शुल्क सहित भुगतान (डीडीपी) तथा योग्य पक्ष सेवाओं पर ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूला जाएगा।
इसके अलाव, डाक शुल्क पहले की तरह ही लागू रहेंगे, ताकि निर्यातक सस्ती दरों का लाभ उठा सकें और नए अमेरिकी आयात नियमों का अनुपालन कर सकें। यह पहल एमएसएमई इकाइयों को मजबूत करने तथा भारत के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लक्ष्य से की गई है।





