समंदर में साथ उतरेंगे भारत और जापान, कांप जाएगा चीन! पाकिस्तान की भी खोल दी पोल
भारत और जापान के बीच नौसेना का युद्धाभ्यास, इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड समेत कई मुद्दों पर सहमति बनी है जो कि चीन के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरेंगी । वहीं भारत ने जापान के सामने पाकिस्तान की भी पोल खोलकर रख दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को भारत यात्रा पर आए जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने के लिए कई कदमों का ऐलान किया गया है। इनमें समुद्री सुरक्षा की मजबूती, रक्षा उपकरणों का संयुक्त विकास, एआई रक्षा अनुसंधान, संयुक्त युद्धाभ्यास, दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग आदि शामिल हैं। भारत और जापान के बीच हुए समझौते चीन के लिए एक चुनौती की तरह हैं। समंदर में भारत और जापान मिलकर शक्ति प्रदर्शन करेंगे।
रक्षा मंत्रियों की बैठक के बाद एक संयुक्त बयान भी जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि जापान-भारत विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक भागीदारी हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और खुशहाली के लिए एक अहम आधार है। शिंजिरो कोइजुमी ने मोदी से मुलाकात की: जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिले। इस दौरान मोदी ने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने का अपना विजन सामने रखा।
इन मुद्दों पर बनी है सहमति
1. नौसेना के जहाजों के आपसी दौरों, संयुक्त युद्धाभ्यास, रखरखाव और मरम्मत सुविधाओं में सहयोग।
2. समुद्र में बारुदी सुरंगों से निपटने, जहाजों के निर्माण के लिए जापान की तकनीक, भारत की उत्पादन क्षमताओं के इस्तेमाल पर सहमति।
3. स्पेशल ऑपरेशन्स फोर्सेज के बीच सहयोग को बढ़ावा देंगे।
4. भारत के इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनने के बाद सहयोग जारी रहेगा।
5. रक्षा उपकरण और प्रौद्यौगिकी के क्षेत्र में अन्य परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दोनों देशों की सेनाएं करेंगी बातचीत।
पाकिस्तान की भारत ने खोली पोल
भारत ने जापान को आगाह किया है कि वह पाकिस्तान को आधुनिक रक्षा तकनीकें साजा ना करे, क्योंकि परमाणु तकनीक कीतरह ही वह भी कोरिया तक पहुंच सकती है। उच्च पदस्थ सूत्रों ने यह जानकारी दी। दरअसल गुरुवार को जापानी रक्षा मंत्री से द्विपक्षीय वार्ता के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह मुद्दा उठाया था।
सूत्रों के अनुसार सिंह ने अमेरिका खुफिया एजेंसियों का जिक्र करते हुए बताया कि पाकिस्तान कि तरह से उत्तर कोरिया को परमाणु संवर्धन की तकनीक साझा करताहै। पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक कादिर खान इस सिलसिले में वहां की बार गए थे। भारत ने यह समझाने की कोशिश की कि पाकिस्तान पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि जापान ने भरोसा दिलाया है कि वह इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेगा।
जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' को और प्रगाढ़ करने के अपने दृष्टिकोण को साझा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के रक्षामंत्री के साथ मुलाकात के दौरान जुलाई 2026 में 16वें भारत-जापान सालाना शिखर सम्मेलन के लिए भारत यात्रा पर आईं जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के साथ हुई विस्तृत बातचीत को याद किया और दोनों देशों के लगातार प्रगाढ़ हो रहे रक्षा सहयोग की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने बाद में सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी की आगवानी करके खुशी हुई। पीएम मोदी ने कहा, ''भारत और जापान के बीच रक्षा और सुरक्षा संबंधों को और मजबूत करने पर बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमारी 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' हिंद-प्रशांत और उससे परे शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए एक अहम आधार है।''


