'गेम चेंजर साबित होगा प्रोजेक्ट कुश', क्या है यह और रक्षा मंत्री ने क्यों कही इतनी बड़ी बात?
रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रणाली में अलग-अलग रेंज की इंटरसेप्टर मिसाइलें होंगी, जिनकी मारक क्षमता 150 किलोमीटर से लेकर लगभग 400 किलोमीटर तक हो सकती है। इसे भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

भारत की ओर से विकसित किए जा रहे स्वदेशी प्रोजेक्ट कुश को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताया है। रूस के S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के विकल्प के रूप में इसे तैयार किया जा रहा है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि बदलते युद्ध हालात में भारत को आत्मनिर्भर और आधुनिक रक्षा प्रणालियों की जरूरत है। प्रोजेक्ट कुश इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इस प्रणाली ने हालिया अभियानों के दौरान अपनी उपयोगिता साबित की है और भविष्य में यह भारतीय वायु रक्षा नेटवर्क की रीढ़ बन सकती है।
प्रोजेक्ट कुश को विस्तारित दूरी वायु रक्षा प्रणाली के रूप में भी जाना जाता है, जिसे भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की ओर से विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दुश्मन के लड़ाकू विमानों, ड्रोन, क्रूज मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों को लंबी दूरी से ही नष्ट करना है। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रणाली में अलग-अलग रेंज की इंटरसेप्टर मिसाइलें होंगी, जिनकी मारक क्षमता 150 किलोमीटर से लेकर लगभग 400 किलोमीटर तक हो सकती है। इसे भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
विदेशी रक्षा प्रणालियों पर कम होगी निर्भरता
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोजेक्ट कुश भारत को विदेशी रक्षा प्रणालियों पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा। वर्तमान में भारतीय वायुसेना रूस से प्राप्त S-400 सिस्टम का उपयोग कर रही है, लेकिन प्रोजेक्ट कुश के सफल विकास के बाद देश के पास अपनी जरूरतों के तहत एक स्वदेशी और उन्नत समाधान होगा। यह प्रणाली आधुनिक रडार, नेटवर्क आधारित कमांड एंड कंट्रोल से लैस है। साथ ही, यह एक साथ कई लक्ष्यों को ट्रैक व इंटरसेप्ट करने की क्षमता रखता है।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में भी वैश्विक शक्ति बनना है। प्रोजेक्ट कुश इसी रणनीति का अहम हिस्सा है, जो आने वाले वर्षों में भारतीय सैन्य क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पूरी तरह से तैनात होने पर भारत की वायु सुरक्षा क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी। चीन व पाकिस्तान जैसे संभावित खतरों के खिलाफ देश की रक्षा और मजबूत होगी।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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