आतंकवाद के मुद्दे पर भारत को मिला इस देश का साथ, फंडिंग के खिलाफ बनाया प्लान
PM मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र दुनिया की विकास धुरी के रूप में उभर रहा है और भारत आसियान देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है। भारत इस मुद्दे पर न तो दोहरे मापदंड अपनाता है और न ही किसी तरह का समझौता करता है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बैठक के बाद उन्होंने यह बात कही। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने सीमापार आतंकवाद की कड़ी निंदा की।
दोनों ने आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाने और इससे निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयासों पर जोर दिया। दोनों ने आतंक के वित्तपोषण पर अंकुश लगाने और नई तकनीकों के दुरुपयोग को रोकने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
मलेशिया दौरे के आखिरी दिन विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों से मुलाकात के बाद PM मोदी ने कहा, भारत और मलेशिया के बीच विशेष संबंध हैं और दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष आतंकवाद और खुफिया क्षेत्र में सहयोग एवं समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में तालमेल मजबूत करेंगे। साथ ही रक्षा सहयोग को भी और व्यापक बनाया जाएगा। PM मोदी ने कहा कि AI और डिजिटल तकनीक के साथ सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा।
PM मोदी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र दुनिया की विकास धुरी के रूप में उभर रहा है और भारत आसियान देशों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मलेशियाई प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और रक्षा सहयोग को लगातार विस्तार दे रहे हैं। उन्होंने वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भारत की तेज प्रगति की सराहना की।
उद्योगपतियों से मुलाकात की
PM मोदी ने मलेशिया के चार प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर भारतीय अर्थव्यवस्था में उनकी बढ़ती दिलचस्पी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते कारोबारी रिश्तों को सकारात्मक बताया और कहा कि भारतीय विकास यात्रा में मलेशियाई कंपनियों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने पेट्रोनास के प्रमुख तेंगकु मोहम्मद तौफिक, बरजाया कॉरपोरेशन के संस्थापक विंसेंट टैन, खजानाह नेशनल के प्रबंध निदेशक अमीरुल फैसल वान जाहिर और फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक पुआ खेन सेंग से अलग-अलग मुलाकात की।
भारतीय मूल के नेताओं से मिले
PM मोदी ने भारतीय मूल के मंत्रियों, सांसदों, सीनेटरों से मुलाकात की और भारत-मलेशिया संबंध मजबूत करने में उनकी भूमिका की सराहना की। PM मोदी ने कहा कि इन नेताओं का भारत से भावनात्मक जुड़ाव स्पष्ट दिखता है और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियां गर्व की बात हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की भागीदारी भारत-मलेशिया मित्रता के समर्थन को दर्शाती है।
भारत-मलेशिया को जोड़ती है तमिल
PM मोदी ने कहा, भारत और मलेशिया तमिल भाषा के प्रति साझा लगाव से जुड़े हुए हैं। मलेशिया में तमिल की मजबूत मौजूदगी शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक जीवन में साफ दिखाई देती है। मलेशिया में भारतीय मूल के करीब 30 लाख लोग रहते हैं, जो दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी भारतीय प्रवासी आबादी है। इनमें बड़ी संख्या तमिल मूल के लोगों की है।
आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक से मिले
PM मोदी आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक जयराज राजा राव से भी मिले। उन्होंने उनके साहस, विरासत और बलिदान के लिए देशवासियों की ओर से आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज के वीरों का साहस भारत की नियति को आकार देने में अहम रहा। राव से मिलना बहुत विशेष रहा और उनके अनुभव बेहद प्रेरणादायक हैं।
‘इब्राहिम भी एमजीआर के बड़े प्रशंसक’
PM मोदी ने कहा कि उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम भी तमिल अभिनेता और पूर्व मुख्यमंत्री एमजीआर के बड़े प्रशंसक हैं। उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब इब्राहिम द्वारा आयोजित लंच के दौरान एमजीआर की फिल्म नालै नमथे का गीत प्रस्तुत किया गया। एमजीआर यानी मरुथुर गोपालन रामचंद्रन प्रसिद्ध अभिनेता, निर्देशक और निर्माता रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु में एआईएडीएमके की स्थापना की और बाद में राज्य के मुख्यमंत्री बने। 1975 में रिलीज हुई नालै नमथे उनकी लोकप्रिय फिल्मों में शामिल है।

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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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