भारत को हमारा अटूट समर्थन; पाकिस्तान की धरती से एस जयशंकर के नाम खुला पत्र, एक चेतावनी भी
उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों और संसद को नए साल 2026 की शुभकामनाएं देते हुए भारत और बलूचिस्तान के सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्तों का जिक्र किया।

भारत-पाकिस्तान के साथ शत्रुतापूर्ण बलूच नेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए भारत को आगाह किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लिखे एक खुले पत्र में उन्होंने चेतावनी दी है कि अगले कुछ महीनों के भीतर चीन बलूचिस्तान के इलाके में अपनी सेना तैनात कर सकता है। उन्होंने इसे भारत और बलूचिस्तान दोनों की सुरक्षा के लिए एक अकल्पनीय खतरा बताया है। अपने पत्र में उन्होंने ऐसी परिस्थिति में भारत को पूर्ण समर्थन देने की बात कही है।
मीर बलूच ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद जिस तरह भारत ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया, वह क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति भारत के साहस को दर्शाता है। उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों और संसद को नए साल 2026 की शुभकामनाएं देते हुए भारत और बलूचिस्तान के सदियों पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक रिश्तों का जिक्र किया।
चीन की मौजूदगी पर बड़ी चेतावनी
बलूच नेता का सबसे गंभीर दावा चीन और पाकिस्तान के बढ़ते सैन्य गठजोड़ को लेकर है। उन्होंने पत्र में लिखा, 'अगर बलूच रक्षा बलों को मजबूत नहीं किया गया, तो चीन अगले कुछ महीनों में बलूचिस्तान की धरती पर अपने सैनिक उतार सकता है। पाकिस्तान और चीन मिलकर CPEC (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) को अंतिम चरण में ले जा रहे हैं, जो स्थानीय लोगों की मर्जी के बिना उन पर थोपा जा रहा है। बलूचिस्तान में चीनी सेना की मौजूदगी सीधे तौर पर भारत की सुरक्षा और भविष्य के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगी।''
मई 2025 में पाकिस्तान से अपनी आजादी का ऐलान करने वाले बलूच नेताओं ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की योजना बनाई है। मीर बलूच ने घोषणा की कि 'रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान' 2026 के पहले हफ्ते में "ग्लोबल डिप्लोमैटिक वीक" मनाएगा। इसका उद्देश्य दुनिया के अन्य देशों के साथ सीधे राजनयिक संबंध स्थापित करना और पाकिस्तान के 79 साल के दमनकारी शासन के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाना है।
भारत को बताया भरोसेमंद साथी
मीर बलूच ने हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) का उदाहरण देते हुए भारत को शांति, समृद्धि, विकास, व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, भविष्य की ऊर्जा चुनौतियों और छिपे हुए खतरों को कम करने सहित दोस्ती, विश्वास और आपसी हितों को बढ़ावा देने में अटूट समर्थन की भी पुष्टि की। उन्होंने कहा, "बलूचिस्तान के लोगों ने पिछले 79 सालों से पाकिस्तान के सरकारी कब्जे, सरकार द्वारा प्रायोजित आतंकवाद और मानवाधिकारों के घोर उल्लंघन को सहा है। अब समय आ गया है कि इस सड़ती हुई बीमारी को जड़ से खत्म किया जाए, ताकि हमारे देश में स्थायी शांति और संप्रभुता सुनिश्चित हो सके।"

लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
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