हमें तेल दे दो, बांग्लादेश सहित इन देशों ने भारत से की अपील; क्या बोली मोदी सरकार?

Mar 13, 2026 09:33 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पश्चिम एशिया में तनाव के कारण उपजे वैश्विक ईंधन संकट के बीच बांग्लादेश, श्रीलंका और मालदीव ने भारत से पेट्रोलियम उत्पादों की मांग की है। जानें भारत की ऊर्जा कूटनीति और विदेश मंत्रालय का जवाब।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति में भारी बाधाएं आ रही हैं। इस संकट के बीच भारत के पड़ोसी देशों ने ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारत का रुख किया है। हालांकि केंद्र की मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि पहले अपनी जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा फिर दूसरों को सप्लाई की जाएगी। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि भारत को बांग्लादेश के अलावा, श्रीलंका और मालदीव से भी पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई के लिए विशेष अनुरोध प्राप्त हुए हैं।

बांग्लादेश में गहराता ईंधन संकट और भारत की मदद

बांग्लादेश वर्तमान में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी का सामना कर रहा है। संकट की इस घड़ी में भारत ने उसे डीजल की सप्लाई की है, जिसके बाद बांग्लादेश ने और सप्लाई की मांग रखी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस पर कहा, 'भारत पेट्रोलियम उत्पादों का एक बड़ा निर्यातक है, विशेष रूप से अपने पड़ोसी देशों के लिए। हम बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के साथ साझेदारी में जलमार्ग, रेल और 'भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन' के जरिए बांग्लादेश को डीजल पहुंचा रहे हैं। यह सप्लाई लगातार जारी है।'

पहले घरेलू जरूरतें, फिर निर्यात

भारत ने यह स्पष्ट किया है कि पड़ोसी देशों को ईंधन देने से पहले वह अपनी स्थिति का आकलन करेगा। रणधीर जायसवाल ने कहा, 'सप्लाई करने से पहले भारत अपनी खुद की डीजल उपलब्धता, रिफाइनिंग क्षमता और अपनी घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखेगा। हमें इसी तरह के आपूर्ति अनुरोध श्रीलंका और मालदीव से भी मिले हैं।'

भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन यानी IBFP की भूमिका

सरकारी सूत्रों ने बुधवार को स्पष्ट किया था कि फ्रेंडशिप पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को हो रही डीजल सप्लाई कोई आपातकालीन कदम नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच नियमित द्विपक्षीय वाणिज्यिक ऊर्जा व्यापार का हिस्सा है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, असम स्थित नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड 2015 से बांग्लादेश को पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई कर रहा है। IBFP भारत और बांग्लादेश के बीच पहली सीमा-पार ऊर्जा पाइपलाइन है। इसकी क्षमता सालाना 1 मिलियन मीट्रिक टन हाई-स्पीड डीजल परिवहन की है। इस पाइपलाइन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने संयुक्त रूप से किया था।

बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के अध्यक्ष मुहम्मद रेजानुर रहमान ने जानकारी दी कि कल भारत से 5000 टन डीजल का आयात किया गया है, जो पार्वतीपुर सीमा के रास्ते बांग्लादेश में प्रवेश करेगा।

ईरान के साथ भारत की कूटनीतिक बातचीत

वैश्विक ऊर्जा संकट और शिपिंग मार्गों पर खतरे को देखते हुए भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर भी सक्रिय है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री के बीच हाल के दिनों में तीन बार बातचीत हो चुकी है। जायसवाल ने नई दिल्ली में पत्रकारों को बताया, 'दोनों नेताओं के बीच हुई आखिरी बातचीत में मुख्य रूप से शिपिंग की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा हुई। इस विषय पर फिलहाल इससे ज्यादा कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।'

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