मोदी सरकार में पड़ोसी देशों से बिगड़ गए भारत के रिश्ते? क्या है लोगों की राय, सर्वे में खुलासा
सर्वे में इस बात को लेकर भी सवाल पूछे गए थे कि क्या बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हो रहे अत्याचार पर मोदी सरकार की तरफ से सही प्रतिक्रिया दी गई है या नहीं। लोगों में इसे लेकर राय बंटी हुई है।

बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद से भारत के साथ रिश्तों में लगातार तनाव बढ़ा है। वहीं बांग्लादेश अब पाकिस्तान से भी नजदीकियां बढ़ा रहा है जो भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। गंभीर परिस्थितियों के बीच हाल ही में एक सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की विदेश नीति को लेकर लोगों की क्या राय है।
इंडिया टुडे सी वोटर मूड ऑफ द नेशन सर्वे के मुताबिक देश के करीब 51 फीसदी लोगों का मानना है कि नरेंद्र मोदी के राज में भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंध बेहतर हुए हैं। हालांकि ऐसा ना मानने वालों की तादाद भी काफी अधिक है। सर्वे के मुताबिक करीब 35 फीसदी लोगों को लगता है कि मोदी सरकार में भारत के साथ पड़ोसी देशों के संबंध खराब हुए हैं। वहीं 12 फीसदी लोगों का कहना है कि संबंधों में कोई बदलाव नहीं आए हैं।
बांग्लादेश को लेकर क्या राय?
भारत की विदेश नीति को लेकर सर्वे के नतीजों की बात करें तो लोगों की राय काफी बंटी हुई नजर आई। एक अन्य सवाल में लोगों से पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर भारत सरकार ने माकूल प्रतिक्रिया दी है। इस पर अधिकतर लोगों का कहना है कि बांग्लादेश से और अधिक सख्ती से पेश आने की जरूरत है।
सर्वे में महज 25 फीसदी लोगों ने माना कि भारत ने बांग्लादेश को लेकर पर्याप्त कदम उठाए हैं। वहीं 47 फीसदी लोगों का मानना है कि और मजबूत प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। 18 फीसदी लोगों का यह मानना है कि बांग्लादेश पर वैश्विक दबाव बनाए जाने चाहिए।
ट्रंप के टैरिफ को जवाब की मांग
वहीं लोगों से जब अमेरिका और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति को लेकर सवाल पूछे गए तो 54 फीसदी लोगों का मानना है कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत और अमेरिका के संबंध बेहद खराब हो गए हैं। वहीं 21 फीसदी ने कहा है कि यह पहले से बेहतर हो गए हैं। 16 फीसदी का मानना है कि रिश्तों में कली बदलाव नहीं हुए हैं। ट्रंप के टैरिफ को लेकर 45 फीसदी लोगों का मानना है कि अमेरिका पर भी जवाबी टैरिफ लगाए जाने चाहिए।
लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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