चीन से परेशान देशों पर भारत का अधिक ध्यान, एक तीर से दो शिकार की बनाई नीति
भारत की यह रणनीति महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि चीन की चुनौती से निपटने के लिए सिर्फ क्वाड पर निर्भरता तर्कसंगत नहीं है। हाल में अमेरिका के रुख में बदलाव से क्वाड ज्यादा सक्रिय नहीं दिखा है।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीनी आक्रामकता से निपटने के लिए भारत दोहरी रणनीति पर काम कर रहा है। एक ओर क्वाड, आसियान जैसे समूहों के जरिये चीन की रणनीतिक घेराबंदी की जा रही है, वहीं महासगरीय देशों के साथ रक्षा संबंधों को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा संबंधों की मजबूती के लिए कई नए कदमों का ऐलान किया गया। इसमें एक-दूसरे के देशों में विमानों की तैनाती, रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और साझा रक्षा उपक्रम शामिल हैं। समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इससे पहले इंडोनेशिया के साथ रक्षा सहयोग गहरा करने पर जोर दिया गया। सबांग पोर्ट के विकास के जरिए हिंद महासागर में भारत ने अपनी उपस्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। इंडोनेशिया को भारत ने ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल देने का भी सैद्धांतिक निर्णय लिया है।
एक तीर से दो शिकार की नीति पर चल रहा भारत
जानकार मानते हैं कि भारत की यह रणनीति महत्वपूर्ण इसलिए भी है क्योंकि चीन की चुनौती से निपटने के लिए सिर्फ क्वाड पर निर्भरता तर्कसंगत नहीं है। हाल में अमेरिका के रुख में बदलाव से क्वाड ज्यादा सक्रिय नहीं दिखा है। दूसरे, भारत एक तीर से दो शिकार कर रहा है। वह संबंध मजबूत करने के साथ-साथ महासागरीय देशों को रक्षा साजो-सामान भी बेच रहा है।
चीन से परेशान देशों पर ज्यादा ध्यान
भारत लगातार हिंद महासागर के देशों के साथ रक्षा सहयोग मजबूत कर रहा है। हिंद महासागर में हालांकि, 50 से भी अधिक देश हैं लेकिन भारत उन देशों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है जो चीन के पाले में नही हैं या चीन के फेर में फंसकर नुकसान उठा चुके हैं। ऐसे देशों में श्रीलंका भी है जहां भारत ने हाल में रक्षा उत्पादन कारखाने का अधिग्रहण किया है।
सिंगापुर के साथ भी भारत की साझेदारी मजबूत हुई
इससे पहले भारत ने सिंगापुर के साथ भी रक्षा भागीदारी को मजबूती दी है। इसमें सैन्य संबंधों के अलावा रक्षा औद्योगिक क्षेत्र के बीच भी सहयोग बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री ने हाल में अपनी सेशेल्स यात्रा के दौरान वहां चार रक्षा सलाहकारों की नियुक्ति का ऐलान किया। रणनीतिक रूप से सेशल्स भी एक महत्वपूर्ण महासागरीय देश है।
लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।
हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।
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