
पूर्व PM को जेल भेजा, मुनीर ने किया तख्तापलट; भारत ने उठाया इमरान का मुद्दा, UN से पाक को लताड़
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान की राजनीति पर कड़ी आलोचना की, इमरान खान की जेल और सेना के असंवैधानिक नियंत्रण का आरोप लगाया। राजदूत ने कहा कि पाकिस्तान ने लोकतंत्र का अपमान किया है, जबकि पाकिस्तान के दावों को खारिज किया।
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने सोमवार को पाकिस्तान की घरेलू राजनीतिक स्थिति को लेकर तीखा हमला बोला। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ‘लीडरशिप फॉर पीस’ विषय पर हुई खुली बहस के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर लोकतंत्र को कमजोर करने, पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल में डालने और सेना को असंवैधानिक शक्तियां देने का आरोप लगाया। भारत का इशारा पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर की सत्ता पर पकड़ को लेकर था। दरअसल मुनीर ने भारत पर झूठी जीत का दावा करते हुए पाकिस्तान में अपने लिए आजीवन सुरक्षा की गारंटी हासिल कर ली है। इसके अलावा, इमरान खान पर हो रहे 'अत्याचार' के पीछे भी मुनीर का हाथ है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनैनी ने पाकिस्तान की राजनीतिक व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि इस्लामाबाद के पास अपने लोगों की इच्छा का सम्मान करने का एक अनोखा तरीका है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने एक निर्वाचित प्रधानमंत्री को जेल में डाल दिया, सत्तारूढ़ राजनीतिक दल पर प्रतिबंध लगा दिया और 27वें संविधान संशोधन के जरिए सेना को देश की राजनीति पर हावी कर दिया।
राजदूत पर्वतनैनी ने कहा, 'पाकिस्तान के पास अपने लोगों की मर्जी का सम्मान करने का एक अनोखा तरीका है, जिसमें एक PM को जेल में डालना, सत्ताधारी राजनीतिक पार्टी पर बैन लगाना और अपनी सेना को 27वें संशोधन के जरिए संवैधानिक तख्तापलट करने देना और अपने रक्षा बलों के प्रमुख को आजीवन इम्यूनिटी देना शामिल है।' भारत ने इस दौरान जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के दावों को भी सिरे से खारिज कर दिया। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि कश्मीर पर पाकिस्तान की टिप्पणियां अनावश्यक हैं।
इमरान खान की गिरफ्तारी का संदर्भ
भारतीय राजदूत ने पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में बंदी का भी जिक्र किया। इमरान खान अगस्त 2023 से 190 मिलियन यूरो के भ्रष्टाचार मामले में सजा काट रहे हैं। इसके अलावा, उन्हें 9 मई 2023 को हुए हिंसक प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में आतंकवाद-रोधी कानून के तहत भी मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है।
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की यातना पर विशेष रिपोर्टर एलिस जिल एडवर्ड्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए चिंता जताई है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि अदियाला जेल में इमरान खान के साथ अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है।
27वां संविधान संशोधन बना विवाद का केंद्र
भारत ने पाकिस्तान में हाल ही में पारित 27वें संविधान संशोधन विधेयक पर भी सवाल उठाए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विधेयक पिछले महीने पारित हुआ, जिसमें कुल 59 धाराएं शामिल हैं। इस संशोधन के जरिए पाकिस्तान की सैन्य और न्यायिक संरचना में बड़े बदलाव किए गए हैं।
इस संशोधन के तहत:
- पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ को अब ‘चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस’ का पदनाम दिया जाएगा।
- फील्ड मार्शल, मार्शल ऑफ द एयर फोर्स और एडमिरल ऑफ द फ्लीट जैसे मानद सैन्य पद आजीवन रहेंगे।
- एक नया फेडरल कांस्टीट्यूशनल कोर्ट (FCC) बनाया गया है, जिसे सुप्रीम कोर्ट के साथ संवैधानिक मामलों में अधिकार साझा होंगे।
- FCC में सभी प्रांतों से समान प्रतिनिधित्व वाले जज होंगे और उसे संविधान से जुड़े मामलों में स्वतः संज्ञान लेने का अधिकार होगा।
- कुछ परिस्थितियों में राष्ट्रपति की प्रतिरक्षा को सीमित किया गया है।
- जजों की नियुक्ति और तबादले से जुड़ी न्यायिक आयोग प्रणाली में भी बदलाव किए गए हैं।
भारत का कड़ा संदेश
संयुक्त राष्ट्र में भारत की यह टिप्पणी पाकिस्तान के भीतर लोकतंत्र, मानवाधिकार और सैन्य हस्तक्षेप को लेकर बढ़ती अंतरराष्ट्रीय चिंताओं की ओर इशारा करती है। भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय पहले अपने आंतरिक लोकतांत्रिक संकट और मानवाधिकार स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।





