भारत की ब्रह्मोस मिसाइल का दुनिया में जलवा, अरब देशों भी खरीदने कतार में लगे
बीते साल 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में सैलानियों को निशाना बनाया था। दहशतगर्दों ने 26 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके बाद भारतीय सेना भी ऐक्शन में आई और 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर का आगाज कर दिया था।

ईरान-अमेरिका में जारी संघर्ष के बीच कई अरब देशों ने भी भारत से हथियारों की खरीद में दिलचस्पी दिखाई है। सूत्रों का कहना है कि विदेश मंत्रालय के जरिए इस बारे में बात की जा रही है। भारत-रूस के संयुक्त उपक्रम में भारत में ब्रह्मोस का उत्पादन किया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस ने पाक में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था, जबकि आकाश मिसाइल ड्रोन हमलों को नाकाम करने के लिए उपयुक्त मानी जाती है।
ये देश हुए शामिल
सूत्रों के अनुसार, ये अरब देश कम और मध्यम दूरी की आकाश और ब्रह्मोस मिसाइलें भारत से खरीदना चाहते हैं। इनमें यूएई, बहरीन तथा कतर तीन देशों ने हथियार खरीद के लिए संपर्क किया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पहले से ही कई छोटे देशों ने आकाश और ब्रह्मोस मिसाइलें खरीदने की इच्छा जताई है।
अब तक सिर्फ फिलीपींस को बेची
भारत मित्र देशों को रक्षा निर्यात का पक्षधर है। अभी तक भारत ने सिर्फ फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइल बेची है। करीब आधा दर्जन देश पहले से ब्रह्मोस की खरीद के लिए कतार में हैं। अब तीन देश इसमें और जुड़ गए हैं। ब्रहमोस की मारक क्षमता 300 किलोमीटर तक है, जबकि आकाश 50-60 किलोमीटर दूर तक हमला कर सकती है।
सऊदी अरब का क्या?
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान से रणनीतिक समझौते के चलते सऊदी अरब की तरफ से भारत से कोई संपर्क नहीं किया गया है। दोनों देशों के बीच पिछले साल परस्पर रक्षा को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन इधर जब ईरान ने सऊदी अरब में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए तो पाकिस्तान की तरफ से खुलकर उसकी कोई मदद नहीं की गई। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि सऊदी अरब भी पाकिस्तान से हथियारों की खरीद की योजना बना रहा है या नहीं।
ऑपरेशन सिंदूर
बीते साल 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में सैलानियों को निशाना बनाया था। दहशतगर्दों ने 26 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इसके बाद भारतीय सेना भी ऐक्शन में आई और 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर का आगाज कर दिया था। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था।
इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की और संघर्ष करीब 4 दिनों तक चला। हालांकि, पाकिस्तान पक्ष के अनुरोध के बाद सीज फायर का ऐलान कर दिया गया था।
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लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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