भारत और पाकिस्तान के बीच शादियों का सिलसिला जारी, ऑपरेशन सिंदूर के बाद आईं 150 दुल्हनें
भारत और पाकिस्तान के बीच में शादियों को सिलसिला जारी है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल जून से लेकर अभी अप्रैल तक करीब 150 पाकिस्तानी लड़कियां भारत में दुल्हन बनकर आई हैं।

भारत की आजादी के बाद जब पाकिस्तान अलग हुआ, तो उस वक्त कई परिवार अलग हुए। लेकिन यह आपसी रिश्तेदारी में बंधे रहे। दशकों तक एक-दूसरे देशों में शादियां भी होती रहीं। ऑपरेशन सिंदूर के समय जब सरकार ने भारत में बैठे पाकिस्तानी लोगों को लौटने का आदेश दिया, तो उस वक्त अटारी-वाघा बॉर्डर पर हजारों की संख्या में लोग नजर आए। इसके बाद से यह बॉर्डर बंद कर दिया गया है। लेकिन गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में भी करीब 150 से ज्यादा पाकिस्तानी दुल्हनें भारत के कई इलाकों में आई हैं।
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक ऑपरेशन सिंदूर से पहले ही रिश्ता कर चुके इन जोड़ों को स्पेशल परमीशन दी गई। आम तौर पर भारत और पाकिस्तान से लोग वीजा होने की स्थिति में अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते जमीन से आ जा सकते हैं। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस रास्ते के बंद होने की वजह से इन पाकिस्तानी दुल्हनों को हवाई रास्ते से भारत आना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें से कई दुल्हनें कोलंबो, दुबई, कतर जैसी जगहों से प्लेन बदलकर हिंदुस्तान आईं।
शादी के लिए पाकिस्तानी रिश्तेदारों को भी मिले थे वीजा
रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तानी दुल्हनों की हिन्दुस्तान में हुई इस शादी के लिए पाकिस्तानी लोगों को भी वीजा दिया गया था। हालांकि, इन लोगों को शादी के तुरंत बाद ही वापस लौटने के लिए कहा गया था। इसलिए इनकी शादियां भी बड़े ही सादा तरीके से हुई। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल जून से लेकर अप्रैल तक के बीच करीब 150 पाकिस्तानी दुल्हनें भारत आईं। उनके साथ करीब 450 पाकिस्तानी नागरिक भी भारत आए थे। बाद में दुल्हन यहीं रहीं और बाकी रिश्तेदार वापस लौट गए।
ऑपरेशन सिंदूर के पहले ही हो गई थी सगाई
मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक अभी जो लड़कियां शादी करने के लिए भारत आईं थीं। उनमें से ज्यादातर की सगाई ऑपरेशन सिंदूर के पहले ही हो चुकी थी। हालांकि, सीमा पर बिगड़े हालात की वजह से उनकी शादी में रुकावट आ रही थी। रिपोर्ट में एक ऐसे ही दंपति का भी जिक्र किया गया है। वीजा लेकर भारत में रहने वाले इंकेश जशनानी की सगाई ऑपरेशन सिंदूर के पहले ही हो गई थी। उनकी मंगेतर पाकिस्तानी सिंध के खानपुर तहसील से हैं। ऐसे में उन्हें मंत्रालय की इजाजत लेकर हिंदुस्तान आना पड़ा। पाकिस्तान की आरती अपने परिवार के साथ पहले मस्कट पहुंचीं उसके बाद वह नागपुर आईं। यहां पर दोनों की शादी हुई। इसके बाद उनके मां-बाप वापस लौट गए।


