
लाइफ सपोर्ट पर INDIA गठबंधन, उमर अब्दुल्ला के बयान पर राहुल गांधी पर बरसी BJP
भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने कहा कि यह राहुल गांधी के नेतृत्व वाले INDI गठबंधन के चेहरे पर एक बड़ा तमाचा है। आज, उमर अब्दुल्ला और गठबंधन में उनके कई साथी दावा करते हैं कि राहुल गांधी गठबंधन के नेता बनने के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
पास जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन इस समय जीवन रक्षक प्रणाली (लाइफ सपोर्ट सिस्टम) पर है और अंदरूनी खींचतान एवं भाजपा की 24 घंटे चलने वाली चुनावी मशीन से मुकाबला करने में विफलता के कारण उसके ‘आईसीयू’ में जाने का खतरा है। अब्दुल्ला के इस बयान पर बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता के शब्द गठबंधन के आंतरिक विश्वास की कमी को उजागर करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी का बचाव करने के बावजूद, गठबंधन के साथी निजी तौर पर मानते हैं कि वह (राहुल) ब्लॉक की चुनावी विफलताओं के लिए जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा, "यह राहुल गांधी के नेतृत्व वाले INDI गठबंधन के चेहरे पर एक बड़ा तमाचा है। आज, उमर अब्दुल्ला और गठबंधन में उनके कई साथी दावा करते हैं कि राहुल गांधी गठबंधन के नेता बनने के लिए उपयुक्त नहीं हैं। यह बयान यह भी साबित करता है कि राहुल द्वारा वोट चोरी के बारे में बोलने और ईवीएम या एसआईआर पर सवाल उठाने के बावजूद, गठबंधन का हिस्सा और सत्ता में मौजूद सभी लोग, चाहे वह हेमंत सोरेन हों या उमर अब्दुल्ला, अंदर ही अंदर इस बात से सहमत हैं कि राहुल गांधी के कारण कांग्रेस और गठबंधन में शामिल अन्य दल कोई भी चुनाव नहीं जीत सकते।" उन्होंने कहा, "आज यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के अलावा गठबंधन के अन्य सभी दल सोचते हैं कि राहुल गांधी राजनीतिक रूप से विफल हैं।"
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट’ में विपक्षी गठबंधन की ‘‘संगठनात्मक और रणनीतिक विफलताओं’’ का विस्तार से उल्लेख किया और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘अद्वितीय’ कार्य नीति के साथ इसके दृष्टिकोण की तुलना की। अब्दुल्ला ने विपक्षी ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) की वर्तमान स्थिति, विशेष रूप से हाल में हुए बिहार चुनावों के बाद, के बारे में कहा, ‘‘हम एक तरह से जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं, लेकिन कभी-कभी कोई अपना चप्पू निकालता है और हमें थोड़ा झटका देता है, और हम फिर से उठ खड़े होते हैं। लेकिन फिर, दुर्भाग्य से, बिहार जैसे परिणाम आते हैं, और हम फिर से नीचे गिर जाते हैं, और फिर किसी को हमें आईसीयू में ले जाना पड़ता है।’’
'NDA में नीतीश की वापसी के लिए भी INDIA गठबंधन जिम्मेदार'
अब्दुल्ला ने नीतीश कुमार की भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में वापसी के लिए भी ‘ इंडिया’ गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमने नीतीश कुमार को वापस राजग की गोद में धकेल दिया।’’ उन्होंने विपक्षी गठबंधन द्वारा एकजुट दृष्टिकोण अपनाने में विफलता की ओर भी इशारा किया, तथा बिहार में पार्टी की मौजूदगी के बावजूद सीट-बंटवारे की व्यवस्था से जानबूझकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) को बाहर रखने के निर्णय का हवाला दिया। अब्दुल्ला ने ‘इंडिया’ गठबंधन के चुनाव प्रचार की तुलना भाजपा से की और कहा कि विपक्षी गठबंधन संरचनात्मक रूप से सत्तारूढ़ पार्टी के अनुशासित दृष्टिकोण के साथ प्रतिस्पर्धा करने में असमर्थ है।
'भाजपा के पास अद्वितीय चुनावी मशीन'
उन्होंने कहा, ‘‘उनके पास एक अद्वितीय चुनाव मशीन है’’, तथा यह ताकत केवल संगठन और वित्तपोषण से कहीं अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘चुनावों के मामले में भी उनकी कार्यशैली अद्भुत है... वे हर चुनाव ऐसे लड़ते हैं मानो उनकी ज़िंदगी उस पर निर्भर हो। हम कभी-कभी चुनाव ऐसे लड़ते हैं मानो हमें कोई परवाह ही नहीं है।’’ अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी टीम द्वारा अपनाए गए राजनीति के चौबीस घंटे मॉडल को रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘एक चुनाव खत्म होते ही वे अगले क्षेत्र में चले जाते हैं... हम चुनाव से दो महीने पहले उन राज्यों में कदम रखते हैं। अगर हम नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख से पहले अपने चुनावी गठबंधन बना लें, तो हम भाग्यशाली होंगे।’’
उन्होंने भविष्य की रणनीति पर कहा कि विपक्ष के लिए (भाजपा को) गंभीर चुनौती देने का एकमात्र तरीका अपने सबसे बड़े घटक दल कांग्रेस के इर्द-गिर्द एकजुट होना है क्योंकि भाजपा के अलावा वह एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसकी अखिल भारतीय उपस्थिति है। अब्दुल्ला ने स्वीकार किया कि क्षेत्रीय दल अपनी सीमित भौगोलिक पहुंच के कारण विवश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस को ही प्रमुखता से काम करना होगा।’’ मुख्यमंत्री ने मुस्लिम मतदाताओं के संबंध में कहा कि पारंपरिक रूप से समुदाय का वोट प्राप्त करने वालों ने उन्हें हल्के में लेकर ‘गलती’ की है। अब्दुल्ला ने कहा कि ऐसे दलों ने केवल चुनाव से ठीक पहले ही समुदाय से संवाद किया, जिसके परिणामस्वरूप समुदाय में मंथन हुआ और लाभ एआईएमआईएम जैसे दलों को मिला है, जो ‘‘पूरे पांच साल उनके मुद्दों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं।’’

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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