INDI गठबंधन की बैठक में सोनिया गांधी ने ममता को लगाया गले; खरगे ने समझा दी आगे की रणनीति

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इंडिया गठबंधन के महाजुटान में 23 दलों के नेता शामिल हुए। बैठक शुरू होने से प हले ही सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को गले लगा लिया। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जो स्थिति है, उसमें सबको एकजुट होने की जरूरत है।

INDI गठबंधन की बैठक में सोनिया गांधी ने ममता को लगाया गले; खरगे ने समझा दी आगे की रणनीति

राजधानी दिल्ली में इंडिया गठबंधन की महाबैठक कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में जारी है। इस बैठक में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, सुप्रिया सुले समेत 23 दलों के नेता मौजूद हैं। बैठक शुरू होने से पहले की कई तस्वीरें सामने आई हैं। एक तस्वीर में देखा जा सकता है कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी गले मिल रही हैं। वहीं बैठक शुरू होते ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर सीधा हमला करते हुए आगे की रणनीति को लेकर अहम बातें बताईं। उन्होंने कहा कि जांच एजिसियों का इस्तेमाल करके राजनीतिक विरोधियों को डराने-धमकाने का प्रयास हो रहा है। ऐसी स्थिति में सबको एकजुट रहने की जरूरत है।

परिसीमन के खिलाफ वाली एकजुटता की जरूरत- खरगे

खऱगे ने 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों का आह्वान किया कि वे नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा खड़ी की गई कथित चुनौतियों से निपटने के लिए उस एकजुटता की भावना को और मजबूत करें, जो इस साल 17 अप्रैल को महिला आरक्षण एवं परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ दिखी थी।

उन्होंने विपक्षी गठबंधन की बैठक में दिए अपने शुरुआती संबोधन में यह दावा भी किया कि सरकार संविधान पर हमला जारी रखे हुए है। खरगे ने कहा, 'यह गठबंधन ठीक तीन साल पहले अस्तित्व में आया था। हमारे सामने मौजूद मुद्दे आप सभी अच्छी तरह जानते हैं। हमने 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता को बहुत निर्णायक तरीके से दिखाया, जब हम सबने मजबूती से एकजुट होकर परिसीमन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण विधेयकों को परास्त किया।'

छीन लिया गया मताधिकार

उनका कहना था, 'अब हमें उसी भावना को और मजबूत करना है और आगे बढ़ाना है, ताकि मोदी सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके।' खरगे ने दावा किया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है। संविधान पर हमला लगातार जारी है, जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के औजार के रूप में लगातार किया जा रहा है।

पेपर लीक पर उठाए सवाल

खरगे ने कहा , 'गैर-भाजपा सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक माहौल बेहद नकारात्मक है। नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस रफ्तार से नए निवेश आने चाहिए, वे बिल्कुल उस रफ्तार से नहीं आ रहे हैं। कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और एमएसएमई का भविष्य गंभीर संकट में है।' कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन के कारण हमारे लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात किया जा रहा है और समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार, खासकर भाजपा शासित राज्यों में, लगातार जारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, "हमारी विदेश नीति के साथ पूरी तरह से समझौता किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनका भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है।"

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Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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