बंगाल में लागू करो राष्ट्रपति शासन, 2000 KM दूर बैठी महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टी क्यों भड़की? CM-गवर्नर पर भी तंज

Pramod Praveen पीटीआई, मुंबई
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संपादकीय में दावा किया गया कि चूंकि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एन रवि ने इस हमले पर कोई बयान नहीं दिया है, इसका मतलब है कि ये ''जानलेवा'' हमले भाजपा द्वारा प्रायोजित थे।

बंगाल में लागू करो राष्ट्रपति शासन, 2000 KM दूर बैठी महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टी क्यों भड़की? CM-गवर्नर पर भी तंज

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर कथित हमलों को लेकर शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टी शिवसेना (उद्धव गुट) ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मुखपत्र 'सामना' में 'बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करो' शीर्षक से एक संपादकीय में कहा गया है कि दो सांसदों पर हमला न केवल पश्चिम बंगाल की प्रतिष्ठा के लिए बल्कि देश के लिए भी एक बड़ा झटका है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 208 सीटों पर जीत के साथ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया। दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में शनिवार को डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी पर एक उग्र भीड़ ने पत्थर और अंडे फेंके। कल्याण बनर्जी ने दावा किया कि रविवार को हुगली जिले में एक थाने के सामने भीड़ के हमले में उनके सिर में चोटें आईं।

भाजपा सरकार ने गुंडों को खुली छूट दे दी है

'सामना' के संपादकीय में आरोप लगाया गया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा नीत सरकार ने गुंडों को खुली छूट दे दी है और वह विपक्षी दल के जन प्रतिनिधियों को मारना चाहती है। संपादकीय में दावा किया गया कि चूंकि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एन रवि ने इस हमले पर कोई बयान नहीं दिया है, इसका मतलब है कि ये ''जानलेवा'' हमले भाजपा द्वारा प्रायोजित थे।

अगर ममता राज में ऐसे हमले होते तो…

इसमें कहा गया कि अगर ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री रहते ऐसे हमले हुए होते, तो पश्चिम बंगाल के राज्यपाल राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर देते। संपादकीय में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल में नव-हिंदुत्व का उभार हो रहा है। शिवसेना (उबाठा) ने आरोप लगाया है कि भाजपा तृणमूल कांग्रेस को तोड़कर पश्चिम बंगाल में गुंडों का राज कायम करना चाहती है। पार्टी ने कहा कि भाजपा जनता के कल्याण के लिए सत्ता का इस्तेमाल करने के बजाय अपनी बदले की भावना को पूरा करने के लिए काम कर रही है।

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लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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