IIT वाले बाबा अभय सिंह ने कर ली शादी, पत्नी भी इंजीनियर; अचानक पहुंचे पिता के पास तो पता चला
मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले अभय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर महाकुंभ के दौरान वायरल हुआ था। वह संन्यासी के वेश में वहां घूम रहे थे और उनका कहना था कि मैंने आईआईटी से पढ़ाई की है। अब उन्होंने शादी कर ली है और जिंदगी में नई पारी शुरू की है।

महाकुंभ में आईआईटी वाले बाबा के नाम से चर्चित हुए अभय सिंह ने शादी कर ली है। उन्होंने कर्नाटक की एक इंजीनियर से विवाह किया है। इस शादी के बारे में खुलासा तब हुआ, जब वह पिता से मिलने पहुंचे। मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले अभय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर महाकुंभ के दौरान वायरल हुआ था। वह संन्यासी के वेश में वहां घूम रहे थे और उनका कहना था कि मैंने आईआईटी से पढ़ाई की है। इसी के चलते वह चर्चा में आ गए थे और उनकी पहचान आईआईटी वाले बाबा के तौर पर बनी थी। अब उन्होंने शादी कर ली है और जिंदगी में नई पारी शुरू की है।
अभय सिंह सोमवार को हरियाणा के झज्जर पहुंचे। लेकिन इस बार वह अकेले नहीं थे, उनके साथ उनकी पत्नी प्रतीका भी साथ थीं। अभय सिंह ने बताया कि वह झज्जर में माता पिता और परिवार वालों से मिलने आए हैं। अभय सिंह मूलरूप से झज्जर के सासरौली गांव के रहने वाले हैं। वह अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ झज्जर तहसील में पहुंचे। यहां वह अपने एडवोकेट पिता के चैंबर में कुछ देर रुके, जहां मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि मैं पहले भी यहां पिता जी के चेंबर में बैठा करता था। अभय सिंह ने कहा कि मेरी तो रुचि अध्यात्म में ही थी, लेकिन अपने पढ़ाई के दिनों में चेंबर में आकर देखता था कि कौन सा केस कैसे तैयार होता है।
अभय सिंह के पिता कर्ण सिंह वकील हैं और झज्जर बार एसोसिएशन के प्रधान भी रह चुके हैं। अभय ने कहा कि आज पिताजी के चेंबर में आकर अच्छा लगा। मैं पहले भी यहां आकर पढाई करता था। हमने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर हिमाचल के अघंजर महादेव मंदिर में शादी की। इसके बाद 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज की। प्रीतिका बेंगलुरु की रहने वाली हैं। पत्नी ही आज मुझे यहां लेकर आई हैं। बैंक खाते की केवाईसी भी अपडेट करवानी थी। इसलिए हम यहां आए और पिताजी का भी आशीर्वाद लिया है।
पत्नी बोली- सनातन को आगे बढ़ाने का काम करेंगे
प्रतीका ने कहा कि अभय काफी सरल स्वभाव के हैं। वो बेहद ईमानदार और सच्चे इंसान हैं। मैं कर्नाटक से हूं और इनसे एक साल पहले मिली थी। मैंने इंजीनियरिंग की है। अब हम सनातन को आगे बढ़ाने में काम करेंगे। हम एक सनातन यूनिवर्सिटी बनाएंगे। अध्यात्म से जुड़े गुरु, साधकों को एक जगह पर एकत्रित करने की कोशिश रहेगी। आज हम झज्जर में सास-ससुर और परिवार वालों से मिलने आए हैं। अभय सिंह ने बताया कि वे श्री यूनिवर्सिटी बनाने पर काम कर रहे हैं। इस यूनिवर्सिटी में सांसारिक ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक साधना और विभिन्न प्रकार की साधनाओं को जोड़ा जाएगा। यहां सिखाने वाला ज्ञान और साधना वाला ज्ञान दोनों पर फोकस रहेगा।
सेल्फी लेने वालों की लग गई भीड़
उन्होंने कहा कि सांसारिक चीजों से दूर रहना बहुत जरूरी है। फिलहाल वे अपनी पत्नी के साथ हिमाचल प्रदेश में रह रहे हैं। हम दोनों एक ही विजन पर साथ काम कर रहे हैं। चेंबर के बाहर अभय सिंह के साथ सेल्फी लेने वालों की भीड़ लग गई। कई लोगों ने उनके साथ पुरानी यादें भी ताजा की। वहीं, आईआईटी बाबा की शादी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चा हो रही है। वहीं, अभय सिंह के परिजनों की तरफ से बेटे की शादी को लेकर अभी कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है।
रिपोर्ट: मोनी देवी
लेखक के बारे में
Surya Prakashदुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।
अकादमिक योग्यता: एक तरफ डेढ़ दशक का सक्रिय पत्रकारिता करियर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूर्यप्रकाश अकादमिक अध्ययन में भी गहरी दिलचस्पी रखते रहे हैं। पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई के साथ ही 'हाइब्रिड वारफेयर में मीडिया के इस्तेमाल' जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषय पर पीएचडी शोध कार्य भी किया है। पत्रकारिता, समाज, साहित्य में रुचि के अलावा वारफेयर में मीडिया के प्रयोग पर भी गहरा अध्ययन किया है। इसी कारण डिफेंस स्टडीज जैसे गूढ़ विषय में भी वह रुचि रखते हैं। इस प्रकार सूर्यप्रकाश का एक लंबा पेशेवर अनुभव रहा है तो वहीं गहरी अकादमिक समझ भी रही है।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के समाचारों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो वहीं नैरेटिव वारफेयर के बारे में भी गहरा अध्ययन है। खबरों के अंदर की खबर क्या है और किसी भी समाचार के मायने क्या हैं? ऐसी जरूरी चीजों को पाठकों तक पहुंचाने में भी रुचि रखते हैं। लाइव हिन्दुस्तान में बीते 5 सालों से जुड़े हैं और गुणवत्तापूर्ण समाचार देने की मुहिम को बल प्रदान किया है। सूर्यप्रकाश को पाठकों की पसंद को समझने और उसके अनुसार समाचारों के प्रस्तुतिकरण में भी महारत हासिल है। कठिन विषयों को सरल शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने की रुचि है और इसी कारण एक्सप्लेनर आदि भी लिखते हैं।
और पढ़ें

