IIT वाले बाबा अभय सिंह ने जिस मंदिर में रचाई शादी, वहां महाराजा रणजीत सिंह ने देखा था चमत्कार
आईआईटी वाले बाबा अभय सिंह ने जिस अघंजर महादेव मंदिर में शादी की है, उसका इतिहास भी दिलचस्प है। यह मंदिर धर्मशाला में धौलाधार की वादियों में स्थित है। धर्मशाला शहर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर खनियारा में यह स्थित है। बगल से ही एक खड्ड बहता है और रमणीक वातावरण यहां का है।

महाकुंभ से आईआईटी वाले बाबा के नाम से चर्चित हुए अभय सिंह ने विवाह कर लिया है। इंजीनियर बैकग्राउंड से आने वालीं प्रीतिका को उन्होंने अपना जीवनसंगिनी चुना है। इसका खुलासा इसी सोमवार को तब हुआ, जब वह पत्नी के साथ अपने पैतृक गांव पहुंचे। यहीं पर उन्होंने बताया कि हमने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित अघंजर महादेव मंदिर में शादी कर ली थी। अभय सिंह आईआईटी से पढ़े हैं और उन्हें जब महाकुंभ में साधु वेश में देखा गया और वह आध्यात्म की बातें कर रहे थे तो लोगों ने काफी पसंद किया था। एक आईआईटीयन कैसे साधु हो सकता है। इसे लेकर लोगों ने हैरानी जताई थी।
अब उन्होंने शादी कर ली तो इस पर भी कौतूहल है। उन्होंने जिस अघंजर महादेव मंदिर में शादी की है, उसका इतिहास भी दिलचस्प है। यह मंदिर धर्मशाला में धौलाधार की वादियों में स्थित है। धर्मशाला शहर से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर खनियारा में यह स्थित है। बगल से ही एक खड्ड बहता है और रमणीक वातावरण यहां का है। अघंजर महादेव का अर्थ पापों का नाश करने वाले से हैं। इस मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है, लेकिन कहा जाता है कि यहां जल रहा धुना सदियों से निरंतर जल रहा है। दूर-दूर से साधु यहां तपस्या के लिए आते रहे हैं। अकसर यहां कोई न कोई साधु धुनी रमाए मिल जाता है।
यहां बाबा गंगा भारती ने पहली बार धुना रमाया था। यह अखंड धूनी तब से जलती आ रही है। यहां पर महाराजा रणजीत सिंह भी आए थे। कहा जाता है कि महाराजा ने गंगा भारती को एक शॉल भेंट की थी। इस पर बाबा गंगा भारती ने चमत्कार दिखाते हुए धूने से कई शॉल निकाल दिए थे और कहा कि आप अपनी वाली पहचान लीजिए। यही नहीं कहा जाता है कि महाराजा रणजीत सिंह जब यहां आए तो उन्हें पेट से संबंधित कोई समस्या हो गई थी। उन्होंने बाबा गंगा भारती से आशीर्वाद मांगा तो बाबा ने धूनी के पास का जल तीन अंजुलियों में भरकर दिया। इस जल को पीने के बाद महाराजा स्वस्थ हो गए। कहा जाता है कि उन्होंने ही यहां जमीन बाबा जी को दान की और फिर यहां मंदिर की स्थापना की गई।
मंदिर में हैं कई संतों की समाधियां
एक और अहम बात यह है कि इस मंदिर में दशनामी जूना अखाड़े से जुड़े कई संतों की समाधियां हैं। जूना अखाड़े की ओर से ही मंदिर का मैनेजमेंट देखा जाता है। आसपास के लोगों की तो इस मंदिर में गहरी आस्था है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते रहे हैं। महाशिवरात्रि पर यहां बड़े मेले जैसा आयोजन होता रहा है। इसी दौरान यहां पहुंचकर आईआईटी वाले बाबा अभय सिंह ने शादी रचा ली थी। फिर प्रीतिका के साथ उन्होंने 19 फरवरी को कोर्ट मैरिज भी की थी। यही नहीं अभय सिंह के ही मुताबिक वह हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में ही किसी स्थान पर रहे हैं।
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